शहर में बिना लाइसेंस कुत्ते पालने वालों पर सख्ती के बाद नगर निगम पर उन्हें सार्वजनिक जगहों और सड़कों पर टहलाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत जहां खास जगहों पर पालतू पशुओं को ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।
वहीं उन्हें टहलाने के लिए कुछ खास इलाके भी विकसित किए जाएंगे। कुत्तों को सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर टहलाने से रोकने के लिए नगर निगम पुराने कानून खंगाल रहा है, जिससे पालतू पशुओं को नियंत्रित किया जा सके।
नगर निगम की इस कवायद में सबसे अहम कानून दुधारू पशुओं का नियंत्रण एवं विनियमन उपविधि, संशोधन 2004 है। इसके तहत शहर के कुछ खास सड़कों और इलाकों में पालतू और दुधारू पशुओं को टहलाना या खुला छोड़ने की मनाही है।
1988 में इस उपविधि के तहत बनी सूची को 2004 में संशोधित किया गया था। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस सूची में नए इलाकों और सड़कों को भी जोड़ा जा सकता है।
इससे जहां पालतू पशु खासकर कुत्तों को खुले में टहलाने की शिकायत पर उसके मालिक पर कार्रवाई की जाएगी। इसमें कुत्ता जब्त होने के साथ ही उसके मालिक पर जुर्माना हो सकता है।
लखनऊ में इन जगहों पर नहीं टहला सकते कुत्ता
यूनीवर्सिटी रोड, महात्मा गांधी मार्ग, विधानसभा मार्ग, अशोक मार्ग, कैसरबाग, लाटुश रोड, अमीनाबाद, अमीनुद्दौला पार्क, रानी लक्ष्मीबाई मार्ग।
ऑनलाइन लाइसेंस भी जल्दी
नए वित्तीय वर्ष में नगर निगम कुत्ता पालकों को ऑनलाइन लाइसेंस की सुविधा देगा। इसके लिए नगर निगम प्रस्ताव तैयार कर रहा है। वहीं कुत्तों को टहलाने के लिए भी नए इलाके विकसित किए जा सकते हैं। यह तभी होगा जबकि 100 प्रतिशत कुत्तों का लाइसेंस नगर निगम से हो। इससे उनकी गणना की जा सकेगी, और योजना ठीक तरह से बन सकेगी।
हम शहर को कुत्तों से प्यार करने वाले और सामान्य
नागरिक, दोनों के लिए बेहतर बनाना चाहते हैं। ऐसे में कुछ कड़े फैसले और कुछ बेहतर सुविधाएं भी देनी होंगी। पूरी कोशिश है कि शहर हर हालत में बेहतर हो। पुराने कानूनों को भी बेहतर तरीके से लागू कराने के लिए कवायद शुरू की जा रही है।
डॉ. अरविंद कुमार राव, पशुचिकित्सा अधिकारी, नगर निगम