हाईटेक कंट्रोल रूम की सफलता को देखते हुए नगर निगम अब इसका और विस्तार करेगा। अभी कंट्रोल रूम में दो फोन लाइनें और तीन कम्प्यूटर लगे हैं।
पिछले तीन दिनों में कंट्रेाल रूम में करीब 600 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 230 शिकायतों का निस्तारण भी हो गया है।
जिन शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका है, उनमें अधिकांश शिकायतें सड़क मरम्मत या निर्माण व जलकल विभाग की सीवर चोक पेयजल से सम्बंधित हैं।
बीती एक जनवरी को नगर निगम ने हाईटेक कंट्रोल रूम शुरू किया है। जिसमें ऑनलाइन के अलावा फोन से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
नगर आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने शनिवार को कंट्रोल रूम में दर्ज हुई शिकायतों की समीक्षा की। इस दौरान शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट भी देखी। शिकायतों के निस्तारण की अच्छी प्रगति देखने केबाद उन्होंने अब कंट्रोल रूम को विस्तार करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम में पांच नए कम्प्यूटर लगाए जाएंगे और टेलीफोन लाइनें भी बढ़ाई जाएंगी। नगर आयुक्त खुद मानते हैं कि जितनी तेजी से कंट्रोल रूम में शिकायत आने के बाद उनका निस्तारण हुआ है। पहले इतनी तेजी से नहीं हो पाता था।
शिकायत कब दर्ज हुई और उस पर क्या कार्रवाई हुई इसका पता भी किसी भी समय कर सकता हूं। इससे अधिकारियों का जवाबदेही से बचना आसान नहीं रहा।
जर्जर सड़कों पर पैचवर्क
नगर आयुक्त ने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत की शिकायतों का निस्तारण एक महीना और 15 दिन में करना होता है।
नई सड़क का निर्माण धन की उपलब्धता पर ही कराया जा सकता है लेकिन जहां पर पैचवर्कसे काम चल सकता है, वहां पर काम प्राथमिकता पर कराया जाएगा। इसकेलिए जोनल अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि वह पैचवर्क का काम कराने में ढिलाई न करें।
कंट्रोल रूम नम्बर- 0522-2307770, 9415607789
वेबसाइट-www.lnnpgrs.in