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नगर निगम में निलंबित होने वालों को मिल रहा तोहफा, काम देने और छीने जाने के आए दिन हो रहे आदेश, बन रहे चर्चा का विषय

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नगर निगम में अफसरों की जिम्मेदारियां मौसम की तरह बदल रही हैं, जिसको लेकर अंदरखाने कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई ऐसे कर्मचारियों को उच्च पद की सौगात मिल रही है, जिनके निलंबन का आदेश हो चुका था। ताजा मामला कार्यदायी संस्थाओं के काम को एक बार फिर नगर स्वास्थ्य अधिकारी को दिए जाने का है।
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नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग का काम शहर की सफाई व्यवस्था का है, जिसके मुखिया नगर स्वास्थ्य अधिकारी हैं। लेकिन करीब चार महीने पहले कार्यदायी संस्थाओं का काम दो बार उनसे लेकर पर्यावरण अभियंता को दिया गया। अब अचानक पर्यावरण अभियंता से काम वापस लेकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी को दे दिया गया।
...और साइड लाइन हो गए नंबर टू
ओहदे के हिसाब से नगर में नंबर दो की हैसियत वाले अधिकारी इन दिनों साइड लाइन हैं। एक महीने पहले तक ये जो बताते थे, वही काम नगर निगम के मुखिया आगे बढ़ा देते थे। मगर अचानक कुछ ऐसा हुआ कि वह साइड लाइन हो गए और अब उनके अधिकार भी कम कर दिए गए। उनसे अधिक काम उनसे नीचे के अफसरों को दे दिए गए।
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निलंबित हो रहे थे अब दो पायदान ऊपर चढ़ गए
नगर निगम के जोन चार में तैनात एक अवर अभियंता को चार महीने पहले काम में लापरवाही पर निलंबित करने का आदेश दिया गया था। एक महीने पहले वे सहायक अभियंता पद पर प्रोन्नत हुए तो नगर निगम प्रशासन ने अपनी ओर से उन्हें एक पदोन्नति का तोहफा और दे दिया। उन्हें जोनल इंजीनियर की कुर्सी थमा दी गई। सवाल उठा तो प्रशासनिक अधिकार होने का हवाला देकर अफसरों ने खुद को बचा लिया। इसी तरह एक सफाई एवं खाद्य निरीक्षक को 26 जनवरी को पुरस्कृत किया गया, जबकि उन्हें निलंबित करने की सिफारिश की गई थी।
...इस कुर्सी को लेकर चल रही जोड़तोड़
अभियंत्रण विभाग में बजट सील की कुर्सी को लेकर खूब जोड़तोड़ चल रही है। इस सीट की जिम्मेदारी जिस कर्मचारी के पास है, वह गंभीर रूप से अस्वस्थ हैं। 31 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं। अब इस वजनदार सीट को लेकर नगर निगम में खूब जोड़तोड़ चल रही है। करीब 12 जुगाड़ वाले बाबू इसी सीट पर जाना चाहते हैं।
कामकाज में बदलाव प्रशासनिक व्यवस्था के तहत किया जाता है। कई बार निरीक्षण के दौरान अफसर की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई भी की गई। जिसके बाद काम में बदलाव किया गया।
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- अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त
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