गरीबों की दुुकानों पर चली नगर निगम की जेसीबी
सफाई अभियान के नाम पर तोड़ीं दस दुकानें
दुुकानदारों का आरोप नगर निगम ने किया पक्षपात
नगर निगम के अधिकारी गरीब पटरी दुकानदारों को विस्थापित किए बिना उजाड़ रहे हैं। शनिवार को इंदिरा नगर सुबह आठ बजे ही नगर निगम की जेसीबी ने गरीबों की दस दुकानें तोड़ दीं। पार्षद की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई का दुकानदारों ने कड़ा विरोध किया और जेसीबी के आगे बैठ गए। दुुकानदारों का आरोप है कि नगर निगम ने पार्षद के इशारे पर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई की। सिर्फ दस दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया और बाकी को छोड़ दिया गया। वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय पार्षद दिलीप श्रीवास्तव का कहना है कि सफाई अभियान के दौरान अवैध कब्जे ही हटाए गए।
नगर निगम की कार्रवाई का शिकार हुए दुुकानदार अम्बिका प्रसाद पांडेय ने बताया कि नगर निगम ने पार्षद के कहने पर उनकी सहित दस दुकानों को उजाड़ दिया। फेरी नीति के तहत उनको जगह भी नहीं दी जबकि वह पंजीकरण कराकर एक-एक हजार रुपये जमा कर चुके हैं। दुकानदार अरमान, जगन्नाथ तिवारी, नसरुल्ला की भी दुकानें तोड़ी गई हैं। इनका कहना है कि कोरोना संकट के इस समय दुकानें उजाड़े जाने से परिवार का पेट पालना मुश्किल हो जाएगा। वहीं नगर आयुक्त अजय द्विवेदी का कहना है कि उनकी ओर से किसी दुकानदार को उजाड़ने का आदेश नहीं दिया गया है। यदि किसी अधिकारी ने ऐसा किया है तो उससे जवाब-तलब किया जाएगा।
अमीनाबाद को लेकर टीवीसी की गोपनीय बैठक
लखनऊ। अमीनाबाद के पटरी बाजार को व्यवस्थित करने को लेकर नगर निगम में शनिवार को टाउन वेंडिंग कमेटी की विशेष बैठक हुई, जिसमें वहां के पटरी बाजार को व्यवस्थित करने को लेकर चर्चा हुई। अमीनाबाद का मामला संवेदनशील होने के कारण बैठक को गोपनीय रखा गया और उसके बारे में न तो नगर निगम प्रशासन और न ही पटरी दुकानदारों की ओर से ही कोई बयान जारी किया गया।