नगराम पहुंची डॉक्टरों की टीम।
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नगराम के मुर्तजापुर में फैली बीमारी का रहस्य क्या है, इसका पता लगाने के लिए केजीएमयू के डॉक्टरों की टीम रविवार को पहुंची। टीम में चार विभाग के डॉक्टर शामिल हैं। वे पीड़ित परिवारों से मिले, मौत से पूर्व मरीजों के लक्षणों के बारे में बात की। बलगम, लार, खून व मूत्र के नमूने लिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि जांच के बाद ही मौत की वजह साफ होगी। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील रावत ने बताया कि केजीएमयू की टीम ने मृतकों के परिवारीजनों के खून व लार के नमूने लिए। वहीं चार मरीजों के मू़त्र के सैंपल लिए गए थे।
डॉक्टरों की टीम में केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार, मेडिसिन विभाग के डॉ. केके सलवानी, सोशल एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन विभाग की डॉ.रीमा, बाल रोग विभाग के डॉ. सिद्वार्थ, माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग की डॉ.सुरुचि, डॉ. शांतनु, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. अमित भगत शामिल रहे। डॉ. शंखवार का कहना है कि जिन बच्चों की मौत र्हुई है, उनके यहां से ब्लड सैंपल लिए गए हैं। कोई गंभीर बीमारी का अंदेशा है। जांच रिपोर्ट आने में करीब एक दो दिन का वक्त लगेगा। उसके बाद ही स्थिति साफ होगी।
अब तक हो चुकी है चार लोगों की मौत
नगराम के अमवा मुर्तजापुर गांव में बीते डेढ़ हफ्ते में रहस्यमयी बीमारी से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन बच्चे शामिल हैं। इन मरीजों को उल्टी-दस्त, पेट में दर्द, मुंह से झाग आना व सीने में दर्द की शिकायत हुई थी। कुछ ही समय में मरीजों की मौत हो गई। मौत के बाद गांव में हड़कंप मच गया। लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या से स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया। कारण तो नहीं ढूंढ पाया, लेकिन कैंप लगाए जाने लगे। लाल-पीली गोलियां बांटी जाने लगीं। ग्रामीणों के हंगामे के बाद घरों से पानी के नमूने एकत्र किए। खून के नमूने एकत्र किए। इसमें मलेरिया, उल्टी-दस्त समेत दूसरी बीमारी की जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई।
नगराम में बनाया गया दो बेड का अस्पताल।
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मुतर्जापुर में रहस्यमयी बीमारी से बीती 5 जून को जान गंवाने वाले सुजान बाबू (13) की बड़ी बहन सुनैचा (16) की हालत भी बिगड़ गई है। शनिवार देर रात उसे बेहोशी की हालत में परिवारीजन सीएचसी ले गए। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया। हालांकि बाद में उसे होश आ गया।
मुर्तजापुर निवासी उदयशंकर के बेटे की तबीयत 5 जून को घर के बाहर खेलते वक्त बिगड़ी थी। उसे अचानक घबराहट हुई और नाक से खून व मुंह से झाग निकलने लगा। सीएचसी से उसे केजीएमयू रेफर किया गया, पर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
सुजान की बहन सुनैया (14) पहले से ही बीमार थी। उल्टियां, सिर व बदन दर्द होने पर निजी अस्पताल में दिखाया गया। बाद में उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया और तबीयत ठीक होने पर छुट्टी कर दी गई। फिर तबीयत बिगड़ने पर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था।