भाजपा ने मौलाना नजीर अहमद
और पूर्व सांसद अमीर आलम को वाई श्रेणी सुरक्षा मुहैया कराने की निंदा की है।
भाजपा का कहना है कि मीरापुर, मुजफ्फरनगर के मौलाना अहमद और सांसद आलम दोनों ही धारा 144 के उल्लंघन में नामजद हैं और इनके खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है।
भाजपा ने सपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि ये बेहद खतरनाक परंपरा है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्र मोहन ने कहा कि एक ओर सरकार न्यायमूर्ति विष्णु सहाय आयोग के कार्यकाल को छह महीने बढ़ा रही है और दूसरी तरफ दंगे के नामजद दोषियों की चाटुकारिता की पराकाष्ठा कर रही है।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि सपा सरकार जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा के प्रति भी दोहरा व्यवहार अपना रही है। हाईकोर्ट के आदेश पर भाजपा विधायक संगीत सोम को मिली वाई श्रेणी की सुरक्षा सरकार छीन रही है।
चन्द्र मोहन ने यह भी कहा कि प्रमुख संत नृत्यगोपाल दास महाराज और पूर्व सांसद रामविलास वेदांती की सुरक्षा मे कटौती कर रही है। सरकार की यह सांप्रदायिक मनोवृत्ति मुजफ्फरनगर सहित पूरे प्रदेश को अशांति में डूबो रही है। प्रदेश की विकास एवं शांतिप्रिय जनता इसका जवाब लोकसभा चुनाव में देगी।