हम साल में 11 महीने काम करते हैं। रमजान में महीने भर काम करने की जगह छुट्टी मनाते हैं। सप्ताह में ढाई दिन हमें आराम करने के लिए चाहिए होते हैं। यही बुराइयां मुसलमानों को पिछड़ा बना रही हैं’।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जमीरुद्दीन शाह ने इन अल्फाजों में मुसलमानों के पिछड़ेपन की वजह गिनाई। वे रविवार को एएमयू ओल्ड बॉयज एसोसिएशन लखनऊ ब्रांच की ओर से यहां जयशंकर प्रसाद सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, पूरी दुनिया में मुसलमान इसलिए पीछे हैं क्योंकि उनमें आराम की जगह काम करने की प्रेरणा नहीं है। आखिर क्यों शुक्रवार को आधा दिन और फिर शनिवार, रविवार को आराम चाहिए। यूपी में सबसे ज्यादा मुसलमान हैं और सबसे ज्यादा पिछड़े मुसलमान भी यहीं हैं।
यहां इलाकाई गुटबाजी बहुत ज्यादा नुकसान कर रही है। एएमयू कैंपस तक इससे अछूता नहीं है। ऐसे में लखनऊ में शिया-सुन्नी के साथ नमाज पढ़ने की खबर जरूर राहत देती है।
कार्यक्रम में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एके माथुर, सचिव डॉ. शकील किदवई, पूर्व सचिव सुहैल फारूकी, राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई, सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान, पूर्व वैज्ञानिक कमर रहमान जहां, मेजर आसिम जहर आदि मौजूद रहे।
उच्च शिक्षण संस्थानों की नहीं, काबिलियत की कमी
उन्होंने कहा, मुसलमानों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों की कमी नहीं है। असल में हम इनमें प्रवेश पाने के काबिल ही नहीं बन पाते। महिला शिक्षा को हाशिये पर रख दिया गया है। एएमयू इस दिशा में कोशिश कर रहा है। मुस्लिम बहुल इलाकों में स्कूल, केंद्र खोले जा रहे हैं। एएमयू में 40 प्रतिशत लड़कियां पढ़ रही हैं। इसका फायदा मिलेगा।
शाह ने कहा, देश में मुसलमानों के लिए पढ़ाई का सबसे बड़ा नेटवर्क मदरसा हैं। इन मदरसों में दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम भी दी जानी चाहिए, जिससे इनमें पढ़ने वालों को एएमयू, जामिया मिलिया जैसी यूनिवर्सिटी में दाखिला मिल सके। इनके लिए ब्रिज कोर्स एक साल की जगह दो साल का कर दिया गया।
सांसद आदित्यनाथ के आरोप पर शाह ने कहा कि एएमयू आतंक का अड्डा नहीं है। हम आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी कर चुके हैं।
रमजान में काम करने की जगह महीने भर मनाते हैं छुट्टी, इलाकाई गुटबाजी कर रही नुकसान, कैंपस भी अछूता नहीं
शाह ने कहा कि टाइम्स के मुताबिक एएमयू इस समय देश की नंबर दो यूनिवर्सिटी है। इंडिया टुडे ने इसे नंबर चार पर रखा है। 2017 तक एएमयू देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी होगी। दादरी में हुई हिंसक घटना की उन्होंने निंदा की।
वीसी ने कहा कि मनोज वाजपेयी अभिनीत ‘अलीगढ़’ फिल्म से एएमयू का कोई वास्ता नहीं है। समलैंगिक संबंध और एएमयू के एक प्रोफेसर के साथ हुए घटनाक्रम पर बनी फिल्म को उन्होंने बकवास बताया। उनका कहना था कि इसके कंटेंट की वजह से यूनिवर्सिटी परिसर में इसकी शूटिंग की इजाजत नहीं दी गई थी।