मुसलमान सिर्फ और सिर्फ अल्लाह से डरता है, उसे किसी इंसान का खौफ कतई नहीं है। साथ ही मोदी जैसे सांप्रदायिक लोगों से देश के अमन पसंद लोग प्रेम कर ही नहीं सकते।
देश की जनता हमेशा सांप्रदायिक ताकतों की विरोधी रही है और रहेगी। यह दुनिया का अकेला ऐसा देश है जिसका लोकतंत्र सारे देशों से बड़ा है।
मौलाना या मोदी के कहने से पहले ही जनता जान चुकी है कि कौन कैसा है और उसके साथ कैसा सलूक करना है।
बुधवार को मौलाना कल्बे जव्वाद व भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के बयान पर राजधानी के कुछ बुद्धिजीवियों ने कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया दी।
'मुसलमान भोला नहीं, सब जानता है'
(मौलाना आगा रूही वरिष्ठ शिया धर्मगुरु)
हर किसी को किसी दूसरे के बारे में ख्याल व्यक्त करने की पूरी आजादी है। मैं लंबे समय से राजनीति व चुनाव के दौरान बोलना बंद कर चुका हूं।
आप की गुजारिश पर इतना कहना चाहता हूं कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में सबको इलेक्शन में हिस्सेदारी का हक हासिल है।
मुसलमान इतना भोला नहीं है कि उसे मुझ जैसे किसी उलमा या नेता के आदेश का इंतजार करना पड़े। हां, अगर इंतजार है तो उस मुसलमान को अपने घर में ही रहने की जरूरत है।
किसी से नहीं डरता मुसलमान
(मौलाना इरफान मियां फरंगी महली, शहर काजी)
मुसलमान सिर्फ और सिर्फ अल्लाह से डरता है, अन्य किसी से नहीं। मुसलमान ही नहीं किसी भी धर्म के इंसान पर जुल्म करने वाला कभी मोहब्बत के लायक नहीं हो सकता।
जालिम हमेशा जालिम ही रहता है। छवि बदलना तो बहुरूपियों का काम है।
मुसलमानों के घाव पर मरहम लगाने से काम नहीं चलेगा, कोई भी दल व नेता मुसलमानों को बहका व बरगला नहीं सकता।
मुसलमान समझदार है और खुद फैसला करना जानता है।
मोदी से भाजपा को फायदा नहीं
(मौलाना सैफ अब्बास नकवी, शिया चांद कमेटी)
मुसलमान सिर्फ अल्लाह से डरता है मोदी से नहीं। मुसलमानों के जान व माल का हाकिम खुदा है, कोई इंसान या सांप्रदायिक नेता नहीं।
2002 के गुजरात दंगे से मोदी शर्मिंदा नहीं हैं। मोदी भाजपा के लिए विनाश का कारण बनेंगे।
भाजपा नेताओं के अलग- अलग बयान और मोदी को लेकर खिंचाव साबित कर रहा है कि भाजपा अब खत्म हो जाएगी।
जितनी चमक दिखानी थी, शुरू में दिखा ली। चुनाव नतीजे भाजपा का कमल खिलने नहीं देंगे।
अमन पसंद को मोदी बर्दाश्त नहीं
(नवाब जाफर मीर अब्दुल्ला, नवाब-ए-अवध के वंशज)
अमन पसंद को मोदी का चेहरा कतई बर्दाश्त नहीं हो रहा है। भाजपा में मोदी को सामने लाने से पार्टी के लोग दूर हुए हैं। आम वोटर भी भाजपा से कटा है।
मुसलमान तो खासकर भाजपा से किनारा कर चुका है। ऐसे में अमन पसंद देश का नागरिक ऐसे व्यक्ति को अपना नेता कभी नहीं चुन सकता जिस पर गुजरात में जुल्म का दाग हो।
उससे मुसलमान कभी प्रेम नहीं कर सकता। मोदी से मुसलमान डरता नहीं है बल्कि अमन पसंद लोग किनारा कर बचने की कोशिश करते हैं।