सुशांत गोल्फ सिटी दयालबाग में आयोजित महफिल ए दयाल कार्यक्रम मैं मालिनी अवस्थी अपना गायन प्रस्तु
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लखनऊ। अवध की शाम शुक्रवार को पारंपरिक सिया राम सुहाग गीत, रंगीन फाग गीत और मधुर गजलों से सजी। सुशांत गोल्फ सिटी के दयाल बाग में आयोजित संगीतमय कार्यक्रम महफिल-ए-दयाल में एक तरफ जहां लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने अवधि गानों से सभी को सम्मोहित किया तो वहीं गजल सम्राट पंकज उधास ने क़ के बाद एक गजलों की झड़ी लगा दी। संगीतमय कार्यक्रम की प्रस्तुति मालिनी अवस्थी ने सिया राम ब्याह के सुहाग गीतों से की। उन्होंने बनरा रे बनी केसरिया..., सिया रानी का अचर सुहाग रहे, राजा राम के सिर पर ताज रहे... सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। सिया राम विवाह का उन्होंने ऐसा समय बांधा कि सभी मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने रघुबर पहिने फूलन को सेहरा, राम पहिने..,.नीक लागे सिया के बलमवा अंगनवा बीच सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। इसके बाद उन्होंने फाग गीत रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे, मोहे मारी नजरिया सांवरिया रे... गाकर माहौल में रंगीनियत घोल दी। यही नहीं इसके बाद उन्होंने उलझने और बढ़ाते क्यों हो, मुझको हर बात बताते क्यों हो... गजल सुनाकर सभी का खूब मनोरंजन किया।
मालिनी अवस्थी के बाद गजल सम्राट पंकज उधास ने अपनी मधुर आवाज में गजलों का ऐसा समां बांधा कि देर रात तक लोग उन्हें सुनते रहे। उन्होंने ज्यादातर श्रोताओं के फरमाइश गजल सुनाकर उनका दिल जीता। उन्होंने अपनी मखमली आवाज में जब निकलो ना बेनकाब जमाना खराब है गजल गाई तो लोग खड़े होकर तालियां बजाने लगा। इसके बाद उन्होंने चिट्टी आई है सुनाया, इसे सुन श्रोता एक पल के लिए भावुक भी हो गए। उन्होंने जब महंगी हुई शराब थोड़ी थोड़ी पिया करो... सुनाया तो हर कोई झूमने लगा।
इस अवसर पर मालिनी अवस्थी और पंकज उधास को दयाल यथार्थ अवध सम्मान से सम्मानित किया गया। दयाल ग्रुप के एमडी राजेश सिंह ने कहा कि कलाकारों को हर साल सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा पंछी जालौनवी की किताब सफर का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री महेंद्र सिंह, मंत्री स्वाति सिंह भी मौजूद रहीं।
सुशांत गोल्फ सिटी दयालबाग में आयोजित महफिल ए दयाल कार्यक्रम मैं पंकज उधास अपने गजल प्रस्तुत करत?- फोटो : LKO CITY