पीजीआई थाना क्षेत्र के सुभानी खेड़ा में सेंट फ्रांसिस क्रिश्चियन स्कूल के म्यूजिक टीचर व केयरटेकर ने सोमवार रात स्कूल परिसर में फांसी लगा ली। नशे की लत के चलते टीचर का परिवार से नाता टूट चुका था।
चार पन्ने के सुसाइड नोट पर महीना भर पहले की तारीख थी। इसमें टीचर ने बीमारी व डिप्रेशन का जिक्र किया है। तेलीबाग चौकी इंचार्ज विनोद कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल की सफाईकर्मी शबाना मंगलवार सुबह काम पर पहुंची तो दूसरी मंजिल की गैलरी में एंगल से कसे साड़ी के फंदे से म्यूजिक टीचर अरुण पाल उर्फ बॉबी (50) का शव लटका देखा।
शबाना ने पुलिस व स्कूल प्रबंधक सुभाषचंद्र गोयल को इसकी सूचना दी। स्कूल परिसर में ही अरुण पाल के कमरे से चार पेज का सुसाइड नोट मिला है।इसमें बीमारी व डिप्रेशन का जिक्र करते हुए मददगारों के प्रति आभार जताया और किसी को प्रताड़ित न करने की बात कही गई है।
सुसाइड नोट पर 9 अक्तूबर की तारीख लिखी थी। इससे सुसाइड नोट महीना भर पहले लिखे जाने का संदेह हो रहा है। स्कूल प्रबंधक सुभाषचंद्र गोयल ने बताया कि अरुण पाल तीन महीने पहले किसी चैरिटी के सिलसिले में उनके पास आए थे।
डिप्रेशन का शिकार था टीचर
डेमो
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अपनी योग्यता की जानकारी देने के साथ परेशानी बयां की। इस पर सुभाष ने अरुण को म्यूजिक टीचर की नौकरी के साथ स्कूल में रहने की जगह दी और केयरटेकर का भी काम सौंप रखा था।
अरुण मौत की खबर पर स्कूल पहुंची उनकी छोटी बेटी लवी ने बताया कि पिता का हुसैनगंज में पुश्तैनी मकान था। नशे की लत के चलते अरुण की अपनी पत्नी इवान से तनातनी हुई।
मकान बिक गया। इवान अपनी तीन बेटियों पिंकी, रिंकी उर्फ रुना व लवी के साथ आलमबाग के आनंदनगर में रहने लगी और अरुण ने स्कूल में ठिकाना बना लिया था।
चार पेज के सुसाइड नोट में अरुण ने लिखा कि ‘मैं जानता हूँ कि आत्महत्या करना कायरता है, पर दो रोटी के लिए जीना और रात में सोना, इसका भी कोई मकसद नहीं।’