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और लोग झूम उठे ऐसे मुशायरे पर

Wed, 16 Apr 2014 01:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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तेज हवा चुपचाप गुजरती रहती है, सूखे पत्ते शोर मचाते रहते हैं। जिन लोगों ने कतल किया सूरज को, दिन में भी वो दीप जलाते रहते हैं।
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तारिक कमर के इन कलाम से राजाजीपुरम में एकता मुशायरा व कवि सम्मेलन देर रात रोशन हुआ। आल इंडिया कौमी एकता मुशायरे के दौरान सर्व धर्मगुरु को सम्मानित भी किया गया।
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मंगलवार को राजाजीपुरम परिक्षेत्र उद्योग व्यापार महासंघ ने राजाजीपुरम के राजगार्डेन टिकैत राय तालाब में कौमी एकता मुशायरे का आयोजन किया।

इस अवसर पर शायर मंजर भोपाली ने पढ़ा कि ...बाप बोझ ढोता था, क्या दहेज दे पाता, इसलिए वो शहजादी आज तक कुंवारी है।

वहीं बेबसी ऐसी की हर गम खुशी कहना पड़ा, मौत की परछाइयों को जिंदगी कहना पड़ा को फुरकत लखीमपुरी ने पेश किया। जिसे सुनने वालों ने खूब दाद दी।

वहीं इरफान लखनवी ने सुनने वालों को जोश से भरते हुए पढ़ा कि अभी कुछ और जमाना खराब आएगा, फिर उसके बाद कोई इंकलाब आएगा।

मुशायरे के पहले महासंघ की ओर से नाज ए लखनऊ सम्मान से सभी धर्मों के धर्मगुरु में महंत बजरंग दास जी, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, ज्ञानी लख विंदर सिंह, फादर शैलेंद्र दास को स्मृति चिन्ह देकर नवाब जाफर मीर अब्दुल्ला व महासंघ के अध्यक्ष उमेश कुमार ने सम्मानित किया।
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