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ये कैसी मित्र पुलिस ः हत्या कर फेंका गया शव, सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस

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लखनऊ। खुद को मित्र पुलिस कहलाने का दावा करने वाली पुलिस का अमानवीय चेहरा एक बार फिर सामने आया है। सैरपुर के बसावनपुरवा गांव में नदी के किनारे रविवार दोपहर एक युवक का शव मिला। ग्रामीणों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि एक युवक की हत्या कर शव को जलाने का प्रयास किया गया है। सूचना पर पहुंची ग्रामीण व कमिश्नरेट पुलिस सीमा विवाद को लेकर उलझ गई। करीब चार घंटे तक पंचायत चली और शव वहीं पड़ा रहा। इसके बाद लेखपाल ने भी शव मिलने के स्थान को सैरपुर इलाके का बताया। हालांकि सैरपुर इंस्पेक्टर के मुताबिक, शव माल थाने में ही है। इसका फैसला अभी नहीं हो सका है। बाद में सैरपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम केलिए भेजा। बताया गया कि राजस्व विभाग के निर्णय केबाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस के इस अमानवीय व्यवहार पर ग्रामीणों ने नाराजगी भी जाहिर की।
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सैरपुर थानाक्षेत्र के बसावनपुरवा गांव में रविवार दोपहर करीब 11 बजे ग्रामीणों ने नदी के किनारे एक शव पड़ा देखा। ग्रामीणों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि किसी युवक की हत्या कर शव को फेंक दिया गया है। वहीं पहचान छिपाने के लिए शव को जलाने का प्रयास किया गया है। सूचना मिलने पर ग्रामीण व कमिश्नरेट पुलिस की पीआरवी मौके पर पहुंची। पीआरवी ने ग्रामीणाें से पूछताछ के बाद ग्रामीण के माल व कमिश्नरेट के सैरपुर दोनों थाने की पुलिस को सूचना दे दी। माल थाने से एसआई रणवीर सिंह सिपाही केसाथ पहुंचे थे।
वहीं सैरपुर के प्रभारी निरीक्षक अख्तियार अहमद अंसारी अपनी टीम के साथ पहुंचे। दोनों ही पुलिस टीम एक दूसरे के इलाके में शव होने की बात कहने लगे। माल पुलिस ने जहां शव मिलने के स्थान को सैरपुर के बसावनपुरवा गांव बताया तो वहीं सैरपुर पुलिस ने गोपरामऊ में होने की बात कही। कुछ ग्रामीणों ने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए माल थाने से कार्रवाई होने की बात कही तो कुछ ने नया थाना बनने केबाद सैरपुर में होने की। आसपास के गांव के प्रधानों को बुलाया गया। पुलिस के इस विवाद का हल प्रधान भी नहीं निकाल सके। वहीं मामला बिगड़ता देख पुलिस व प्रधानों ने स्थानीय लेखपाल को बुलाया। गोपरामऊ के लेखपाल पारसराम वर्मा पहुंचे। उन्होंने अपने नक्शे में देखने के बाद बताया कि शव सैरपुर के बसावनपुरवा में मिला है। फिर भी सैरपुर पुलिस मानने को तैयार नहीं हुई। इस दौरान करीब चार घंटे का समय बीत गया। तीन बजे के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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घटनास्थल के पास में है रिटायर्ड आईएएस का फॉर्म हाउस
पुलिस के मुताबिक, जिस जगह शव मिला है, वहां एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी का फॉर्म हाउस है। कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी के पास वाले खेत में किसान काम कर रहा था, जिस पर अधिकारी ने आपत्ति दर्ज की थी। उस वक्त माल थाने में शिकायत की गई थी। माल थाने की पुलिस ने आईएएस अधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई की थी। इसलिए मामला माल थाने का है। गोपरामऊ के लेखपाल ने भी इसकी पुष्टि की है। जमीन में नदी बहती थी। यहां कभी नदी बहती थी। कुछ किसानों ने पैमाइश कराई तो उनके खेत का कुछ हिस्सा नदी में आ गया था।
पुलिस के व्यवहार से ग्रामीण आक्रोशित, हुई कहासुनी
सीमा विवाद में उलझी पुलिस की करतूत देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। दोनों थानों की पुलिस के बीच हो रहे सीमा विवाद के दौरान शव वहीं पर पड़ा रहा। पुलिस के इस अमानवीय व्यवहार को देख ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की। इस दौरान पुलिस से कहासुनी भी हुई। इसी बीच किसी ने इसकी जानकारी कमिश्नरेट व ग्रामीण पुलिस के अधिकारियों को दे दी। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। प्रभारी निरीक्षक सैरपुर अख्तियार अहमद अंसारी के मुताबिक, मामला माल थाने का है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। लेखपाल व राजस्व विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई संबंधित थाने द्वारा की जाएगी।
24 घंटे पुराना लग रहा शव
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शव एक से दो दिन के अंदर ही वहां फेंका गया है। शव की पहचान छिपाने केलिए चेहरे को बिगाड़ने का प्रयास किया गया है। ग्रामीणों ने आशंका जाहिर की है कि शव को जलाने की कोशिश की गई। हालांकि प्रभारी निरीक्षक सैरपुर के मुताबिक, शव 24 घंटे पुराना लग रहा है। मृत के शरीर पर जींस पैंट, टी-शर्ट था। वहीं चेहरे पर दाढ़ी व बाल बडे़ थे। इसी आधार पर शिनाख्त कराने की कोशिश की जा रही है।
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