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पत्नी ने ही कराया था राम सजीवन का कत्ल, मरने के बाद पति का ईंट से कूच डाला था सिर

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लखनऊ। गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के रानीखेड़ा मजरे बखारी में 10 मई की रात हुई राम सजीवन की हत्या का बुधवार को पुलिस ने खुलासा करते हुए उसकी पत्नी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, राम सजीवन की पत्नी का एक व्यक्ति से प्रेम प्रसंग चल रहा था जिसका वह विरोध करता था। इसी के चलते पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। फिर उसके प्रेमी ने अपने तीन साथियों की मदद से वारदात को अंजाम दिया।
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रानीखेड़ा मजरे बखारी निवासी राम सजीवन (45) पेंटिंग का काम करता था। 11 मई की सुबह गांव में खाली पड़े एक प्लॉट में राम सजीवन का खून से लथपथ शव पड़ा मिला था। पुलिस ने रामसजीवन के बेटे रवि की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। इसमें पता चला कि राम सजीवन के परिवार में पत्नी फूलमती, तीन बेटियां व दो बेटे हैं। एक बेटी की शादी हो चुकी है। राम सजीवन का करीब डेढ़ साल से किसी बात को लेकर पत्नी फूलमती से विवाद चल रहा था। इसके चलते फूलमती गांव के बाहर बने नए मकान में बच्चों संग रहती थी। जबकि राम सजीवन गांव के पुराने घर में अकेले रहता था।
एडीसीपी दक्षिणी पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि छानबीन में पता चला कि फूलमती के घर में गांव के ही कल्याण समेत कुछ युवकों का आना-जाना था। राम सजीवन इसका विरोध करता था। इस दिशा में छानबीन के साथ ही सर्विलांस की मदद से अहम सुराग हाथ लगने पर फूलमती व कल्याण को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो वारदात का खुलासा हो गया। दोनों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पूछताछ में कल्याण ने बताया कि वह फूलमती से मिलने उसके घर जाता था, जिसका राम सजीवन विरोध करता था। फूलमती ने इसकी जानकारी दी। इसके बाद उसने और फूलमती ने मिलकर राम सजीवन की हत्या की साजिश रची।
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कल्याण ने इसके लिए आपराधिक प्रवृत्ति के अपने दोस्त सतीश निवासी सुरियामऊ से बात की। फिर सतीश ने अपने दोस्त सूरज रावत निवासी रानी खेड़ा और नीरज निवासी सुरियामऊ को भी साजिश में शामिल कर लिया। फिर 10 मई की देर रात कल्याण, सतीश, सूरज व नीरज ने राम सजीवन की घर में ही गला दबाकर हत्या कर दी और शव गांव के ही एक खाली प्लॉट में फेंककर भाग गए।
मामले में गोसाईंगंज इंस्पेक्टर अमरनाथ वर्मा, अतिरिक्त निरीक्षक डॉ. रामफल प्रजापति और क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर तेज बहादुर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छानबीन करते हुए फूलमती, कल्याण और उसके साथी सतीश, सूरज रावत व नीरज को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से वारदात के वक्त पहने हुए खून से सने कुछ कपड़े भी बरामद हुए हैं।
भड़ास निकालने को फूलमती ने ईंट से कूंचा था सिर
लखनऊ। कल्याण व उसके साथी जब राम सजीवन की हत्या के बाद शव फेंकने गए तो फूूलमती भी साथ गई थी। शव प्लॉट में फेंकने के बाद भड़ास निकालने के लिए फूलमती ने ईंट उठाकर राम सजीवन के चेेहरे व सिर को कई वार करके कूंच दिया था।
घटनास्थल पर मिली चेन से खुलासे में मिली मदद
लखनऊ। 11 मई को रानी खेड़ा के मजरे बखारी में राम सजीवन की लाश मिलने पर पुलिस ने मौका मुआयना किया तो वहां एक चेन पड़ी मिली। गोसाईंगंज थाने के अतिरिक्त निरीक्षक डॉ. रामफल प्रजापति ने संदेह के दायरे में आए कल्याण की फेसबुक प्रोफाइल देखी तो उसमें एक फोटो में वो वही चेन पहने दिखा। उसने चेन टी शर्ट के ऊपर करके फोटो खिंचाकर फेसबुक पर अपलोड की थी। इसके बाद पुलिस ने कल्याण की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही उसका मोबाइल सर्विलांस पर लिया तो पूरी साजिश का खुलासा हो गया। हत्या में शामिल सतीश के खिलाफ मोहनलालगंज थाने में तीन अन्य मुकदमे दर्ज हैं। जबकि अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
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