लखनऊ। हुसैनगंज इलाके में स्थित हरिविलास चिकित्सालय के पास स्मैक पीने वालों का देर शाम से ही जमावड़ा लग जाता है। बृहस्पतिवार को स्मैक पीने के दौरान खुराक कम पड़ने पर विवाद इतना बढ़ गया कि तीन युवकों ने मिलकर एक का गला घोंट दिया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव छिपाने के लिए रिक्शा मंगाया। उस पर शव रखकर लोको रेलवे कॉलोनी में पेड़ के नीचे छोड़कर भाग गए। पेड़ के नीचे शव की सूचना पर पहुंचे जीआरपी इंस्पेक्टर ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शनिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले तो रिक्शे से मृतक को लेकर तीन युवक जाते दिखे। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों को रविवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।
सीओ जीआरपी संजीव सिन्हा के मुताबिक, दो दिसंबर की शाम हरिविलास अस्पताल के सामने चार युवक बैठकर स्मैक पी रहे थे। इस दौरान चारों में विवाद हुआ। एक ने स्मैक देने से मना किया तो विवाद बढ़ गया। तीन युवकों ने मिलकर एक युवक की पिटाई की और वहीं उसका गला दबाकर मार डाला। आरोपियों ने उसके शव छिपाने की कोशिश शुरू की। आरोपियों ने चौराहे से एक रिक्शा मंगाया जिस पर शव को रखकर रेलवे की लोको कॉलोनी में पहुंचे। वहां अंधेरे में एक पेड़ के नीचे शव रखकर भाग गए। दो दिसंबर को शव मिलने की सूचना पर जीआरपी इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्रा पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव की शिनाख्त न हो पाने से तीसरे दिन शनिवार को पोस्टमार्टम किया गया। देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने दरोगा की तहरीर पर जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीसीटीवी कैमरे ने खोला राज
सीओ जीआरपी संजीव सिन्हा के मुताबिक, शव मिलने की जानकारी एसपी जीआरपी सौमित्र यादव को हुई तो उन्होंने तत्काल वारदात के खुलासे के निर्देश दिए। सीओ जीआरपी के मुताबिक, आसपास लगे करीब 16 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए जिसमें हत्या के बाद शव को रिक्शे पर रखकर ले जाते हुए तीन युवक दिखे। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त कराई। इसके बाद रविवार शाम को तीनों हत्या आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए हत्या आरोपियों में हुसैनगंज का सर्वेश सोनकर, सीतापुर का संतोष यादव, कैंट इलाके का बबलू कहार शामिल हैं। विवेचना जल्द ही हुसैनगंज थाने को स्थानांतरित कर दी जाएगी।
स्मैक की एक लाइन और नहीं मिली तो मार डाला
सीओ जीआरपी के मुताबिक, पूछताछ में हुसैनगंज के सर्वेश सोनकर ने कुबूल किया कि सभी तीनों अस्पताल के पास अक्सर स्मैक पीते हैं। दो दिसंबर को भी सर्वेश, संतोष व बबलू वहां स्मैक पीने गये थे। मृतक का नाम तीनों आरोपियों को भी नहीं मालूम है। वहां तीनों ने उससे स्मैक की बात की। वह स्मैक देने के लिए तैयार हो गया। सर्वेश के मुताबिक, स्मैक की एक पुड़िया में सात खुराक होती हैं जिसे स्मैक पीने वाले एक खुराक को एक लाइन बोलते हैं। सर्वेश ने मृतक से कहा कि उसे दो लाइन स्मैक पिलाएगा। इस पर मृतक तैयार हो गया लेकिन एक लाइन पीने के बाद उसे कोई खास नशा नहीं हुआ। वहां उसके अलावा तीन और थे। सभी ने एक-एक लाइन स्मैक पी ली। मृतक के पास एक पुड़िया थी। जब सर्वेश व उसके दोस्तों ने एक-एक लाइन और मांगी तो उसने मना कर दिया। इसी बात पर विवाद हुआ। विवाद के दौरान उसका गला दबा दिया।
शव छिपाने के लिए खर्च किए 50 रुपये
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जब युवक बेसुध होकर गिर गया। काफी देर तक नहीं उठा तो उसे हिलाकर देखा। लेकिन उसके शरीर से कोई हरकत नहीं हो रही थी। इस पर उसे मृत जानकर मुख्य मार्ग से हटाने की योजना बनाई। इसके लिए एक रिक्शा किया। चालक को 50 रुपये दिए। कहा कि अंदर कॉलोनी में पेड़ के पास पहुुंचा दो। रिक्शा चालक उसे बेसुध समझकर तीनों को साथ लेकर कॉलोनी के एक गेट से अंदर घुसा और पेड़ के पास शव छोड़कर चला गया। इस दौरान तीनों वहीं रुक गए। रिक्शा चालक के जाने के कुछ देर बाद वह दूसरे गेट से निकले। उनके जाने के कुछ देर बाद पुलिस को शव की सूचना मिल गई।
नशे की मंडी बना स्टेशन के आसपास का इलाका
चारबाग स्टेशन शहर में नशे के कारोबार की सबसे बड़ी मंडी बन चुका है। यहां की अधिकतर दुकानों पर खुलेआम स्मैक की बिक्री होती है। रेल कर्मियों ने बताया कि स्मैक के ग्राहक चुपचाप दुकानदार को रुपये देते हैं और पुड़िया मांगते हैं। दुकानदार नशेड़ियों को पुड़िया पकड़ा देते हैं। दुकानदारों को ये स्मैक तस्करों द्वारा मुहैया कराई जाती है। नशेड़ी स्मैक की खरीद करने के लिए आसपास के इलाके से वहां पहुंचते हैं।