आरोपी ने कहा कि हमने पुलिस वालों से नेताओं से बजरंग दल के लोगों से और भाजपा के लोगों से मदद मांगी पर किसी ने हमारी मदद की। हमें तंग किया गया। हम लोग बदायूं के रहने वाले हैं। हमारी ताई के पास सन 47 से पूरा हिसाब मिल जाएगा। हमें अपनी जमीन से बेदखल करने के लिए हम पर तरह-तरह के आरोप लगाए जाते हैं कि हम लोग बांग्लादेशी हैं। हमारे पूरे खानदान का पूरा रिकॉर्ड बदायूं में हमारी ताई के पास मिल जाएगा। हम तंग आकर धर्म परिवर्तन करना चाहते थे। हम सभी पूजा करते हैं।
आरोपी ने कहा कि हर मुसलमान एक सा नहीं होता है। उसने सीएम योगी व प्रधानमंत्री का नाम लेकर कहा कि हमें जीते जी इंसान भले ही न मिला हो पर मरने के बाद ही इंसाफ दे दीजिए। उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ये लोग नेताओं और पुलिस में गहरी पकड़ रखते हैं। हमारा आधा प्लाट छीन लिया और आधा छीनना चाहते थे। हमारी यही मांग है कि अब उस प्लाट पर सिर्फ मंदिर ही बनना चाहिए और घर में मौजूद पूरे सामान को अनाथ आश्रम में दे देना जिससे कि हमारी रूह को चैन मिले। मैंने अपने पिता के साथ मिलकर इन्हें मारा है। मेरी बहनें तड़पी हैं आज। मैंने उनके हाथ काटे... गला दबाया। मैंने इन्हें मारकर इनकी इज्जत बचाई है। हिंदुओं ने भी मेरी मदद नहीं की। उम्मीद है कि मरने के बाद हमारे साथ इंसाफ होगा।