भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने पटना में धमाकों के बाद गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के वहां न जाकर बॉलीवुड कार्यक्रम में जाने को लेकर उन पर हमला बोला है।
उन्होंने कहा इससे जाहिर है कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा को लेकर तनिक भी गंभीर नहीं है। डॉ. जोशी ने केंद्र की सुरक्षा, आर्थिक व विदेश नीति पर जमकर निशाना साधा।
यहां भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में जोशी ने कहा कि पटना के सीरियल धमाकों के बाद लोगों को उम्मीद थी कि केंद्रीय गृहमंत्री पटना जाएंगे।
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मगर उन्होंने बॉलीवुड के एक कार्यक्रम को प्राथमिकता दी। उन्होंने सवाल दागा कि शिंदे को बॉलीवुड के कार्यक्रम में जाना चाहिए था या पटना? कहा,गृहमंत्री आंतरिक सुरक्षा को लेकर कतई गंभीर नहीं हैं।
देश की सीमा सुरक्षित नहीं है। पाक सीमा पर सैनिकों की लगातार हत्याएं हो रही हैं।
प्रधानमंत्री की चीन यात्रा के बावजूद कोई ऐसा संकेत नहीं मिला जिससे ड्रैगन के प्रति लोगों की चिंता कम हो। यूपीए सरकार सीमा को लेकर केवल कागजी कार्रवाई कर रही है।
एक सवाल के जवाब में डॉ. जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने पूरी गंभीरता नष्ट कर दी है लिहाजा अब उसे गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।
पारिख के बचाव में नजर आए जोशी
डॉ. जोशी ने आरोप लगाया कि केंद्र प्राकृतिक संसाधनों के बंदरबांट की नीति अपना रहा है।
यह अफसोस की बात है कि जिन्होंने (इशारा पूर्व कोयला सचिव पीसी पारिख की तरफ) बंदरबांट पर अंकुश लगाने की कोशिश की, उन्हें ही कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।
सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि प्राकृतिक संसाधन सरकार का है, जनता का है या खास घरानों का। प्राकृतिक संसाधनों केस्वामित्व, बंटवारे व उपयोग की दरें तय होनी चाहिए।
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जमाखोरों को प्रोत्साहित कर रहे मंत्री
डॉ. जोशी ने कहा कि कांग्रेस जब-जब सत्ता में आती है महंगाई चरम पर होती है।
खाद्यान्न व सब्जियों की महंगाई साबित करती है कि सरकार का इन पर नियंत्रण नहीं है। महत्वपूर्ण मंत्री कह रहे हैं कि महंगाई अभी और बढ़ेगी। ऐसा करके जमाखोरों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।