संभल हिंसा के आरोपियों से सपा नेताओं की मुलाकात कराने के मामले में मुरादाबाद जेल अधीक्षक पीपी सिंह को निलंबित कर दिया गया है। डीआईजी जेल की जांच में उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
आरोप है कि जेल में अवैध मुलाकात की जानकारी मिलने के बाद भी वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने अधीनस्थों से पूछताछ नहीं की और न ही उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
ये भी पढ़ें - आ गई सिपाही भर्ती के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और फिजिकल एग्जाम की डेट, नोट कर लें तारीख
ये भी पढ़ें - पैमाइश के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते लेखपाल गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने इस तरह किया ट्रैप
मुलाकात करने के बाद सपाइयों ने बयान दिया तो वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद शासन तक हड़कंप मच गया था। इस मामले में डीजी जेल के निर्देश पर डीआईजी जेल कुंतल किशोर ने जेल पहुंचकर पूरे मामले की जांच की
जांच में पाया गया कि मुलाकात कराने में जेल नियमों का पालन नहीं किया गया है। जांच में वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीपी सिंह, जेलर विक्रम सिंह यादव और डिप्टी जेलर प्रवीण सिंह की लापरवाही सामने आई । इसके आधार पर जेलर और डिप्टी जेलर को निलंबित कर दिया गया था जबकि वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीपी सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। अब उन्हें भी निलंबित कर दिया गया है।