कथासम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती उनकी दो उम्दा कृतियां कफन और गोदान पर चर्चा के नाम रही।
31 जुलाई को उनकी जयंती पर नगर में होने वाले आयोजनों में उनकी कहानी पर नाटिका का मंचन हुआ। मंच पर अभिनेता-बुद्धिजीवी उतरे। आयोजन भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा और उप्र हिंदी संस्थान की ओर से हुआ।
उप्र हिंदी संस्थान की ओर से कथासम्राट की जयंती पर संगोष्ठी परिचर्चा सत्र आयोजित हुआ। शाम चार बजे से होने वाले समारोह में विशेषज्ञ ‘हिंदी उपन्यासों में गोदान’ पर चर्चा की गई।
संगोष्ठी में चर्चा के लिए कथाकार प्रो. शिवमूर्ति और गोरखपुर के प्रो. रामदेव शुक्ला व्याख्यान दिया। समारोह में निदेशक हिंदी संस्थान डॉ. सुधाकर अदीब, कार्यकारी अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।
इप्टा की ओर से संगोष्ठी और मंचन
भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा की ओर से निशातगंज के कैफी आजमी सभागार में जयंती के अवसर पर विचारक ‘कफन’ पर परिचर्चा किया।