आवास विकास परिषद के असिस्टेंट कमिश्नर/असिस्टेंट रजिस्ट्रार अमरेश कुमार शुक्ला पर जानलेवा हमले का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने रविवार शाम माफिया सरगना मुन्ना बजरंगी के गुर्गे रायबरेली के महराजगंज निवासी योगेंद्र सिंह और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
चारों नेहरू इन्क्लेव में ठहरे थे और वहां से कार से रायबरेली जा रहे थे तभी एसटीएफ को खबर लग गई। कार से लाइसेंसी राइफल और पिस्टल सहित कई कारतूस बरामद हुए हैं। पकड़े गए बदमाशों को चिनहट पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।
एसटीएफ के एएसपी एस. आनंद ने बताया कि योगेंद्र माफिया सरगना मुन्ना बजरंगी का करीबी है। वह आवास विकास की निष्क्रिय सोसाइटी का सचिव बनने के लिए कई महीने से असिस्टेंट कमिश्नर अमरेश कुमार शुक्ला के संपर्क में था।
डराने के लिए किया था हमला
करीब ढाई महीने पहले असिस्टेंट कमिश्नर और योगेंद्र की मधुरिमा होटल में एक बैठक भी हुई थी। असिस्टेंट कमिश्नर ने उसे सचिव बनाने का आश्वासन दिया लेकिन नियुक्ति नहीं की। योगेंद्र ने उन्हें डराने के लिए ही हमला किया था।
हालांकि, पुलिस हिरासत में योगेंद्र ने निष्क्रिय सोसाइटी का सचिव बनाने के लिए दस लाख रुपये लेने की जानकारी दी है। उसने बताया कि सचिव की नियुक्ति के लिए असिस्टेंट कमिश्नर ने 14 लाख रुपये मांगे थे। इसमें से दस लाख रुपये देने के बावजूद असिस्टेंट कमिश्नर उसकी नियुक्ति नहीं कर रहे थे।
कई बार चेतावनी दी लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद उन पर हमला किया गया। गौरतलब है कि राजधानी पुलिस ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की मदद मांगी थी जिसके बाद एसएसपी एसटीएफ ने एएसपी एस. आनंद को यह टास्क सौंपा।
रविवार दोपहर एसटीएफ को योगेंद्र के नेहरू इन्क्लेव में मौजूद होने की सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया कि वह रायबरेली जाने वाला है। एसटीएफ की टीम ने दोपहर तीन बजे ही नेहरू इन्क्लेव की घेराबंदी कर ली थी। करीब चार बजे वह सफेद रंग की स्विफ्ट कार लेकर नेहरू इन्क्लेव तिराहे पर पहुंचा जहां उसे दबोच लिया गया।
पूछताछ में खुलासा, तीनों से हमले में शामिल
कार में योगेंद्र के साथ रायबरेली के मिल एरिया निवासी अंशु सिंह, प्रतापगढ़ के अंतु स्थित किठौर बाजार के ब्रजेश सिंह और चारबाग नाका में रहने वाले राज कुमार सिंह उर्फ लाली भी थे। एएसपी ने बताया कि असिस्टेंट कमिश्नर पर हमले में यह तीनों भी शामिल थे।
यह थी वारदात
आवास-विकास के असिस्टेंट कमिश्नर व गोमतीनगर के विकल्पखंड निवासी अमरेश कुमार शुक्ला बृहस्पतिवार सुबह सरकारी कार से दफ्तर जा रहे थे तभी मल्हौर -चिनहट रोड के मोड़ पर बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट डिजायर कार सवार बदमाशों ने उन्हें रोककर हमला कर दिया।
बदमाशों ने उन्हें गाड़ी से खींच लिया और हॉकी व बेसबॉल बैट से ताबड़तोड़ वार कर लहूलुहान कर दिया। उनका मोबाइल फोन लूटकर भाग गए। असिस्टेंट कमिश्नर ने चार अज्ञात हमलावरों के खिलाफ चिनहट कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी।