लखनऊ। अमर उजाला में दो सप्ताह पहले अहाना ग्रींस आवासीय योजना में फ्लैटों की बदहाली की खबर प्रकाशित होने के बाद नगर निगम की टीम ने योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान काफी खामियां सामने आई हैं। जिन्हें दूर करने के निर्देश संबंधित ठेकेदार और इंजीनियरों को दिए गए हैं। इसे लेकर अपर नगर आयुक्त की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है।
अमर उजाला ने सात अप्रैल को रायबरेली रोड स्थित नगर निगम की अहाना ग्रींस बहुमंजिला आवासीय के फ्लैट की बदहाली पर खबर प्रकाशित की थी। बताया कि था कि 40 लाख रुपये का फ्लैट खरीदने वाले ओम प्रकाश जब फ्लैट का कब्जा लेने पहुंचे तो उसमें सीवर का पानी भरा था। सीलन के कारण दीवारों पर किया गया ऑयल पेंट पपड़ी बनकर उखड़ गया था। खिड़की दरवाजे भी सीलन से खराब हो रहे थे। ऐसे में अब वह खुद का ठगा सा महसूस कर रहे हैं। फ्लैट की बदतर स्थिति के लिए उन्होंने नगर आयुक्त से शिकायत की थी।
जिसके बाद नगर निगम की टीम ने अपर नगर आयुक्त ललित कुमार की अगुवाई में निरीक्षण किया। इस दौरान खामियां पकड़ीं।आवंटियों की शिकायत न सुनने वाले केयरटेकर को भी सख्त हिदायत दी गई है कि सुधार नहीं किया तो हटा दिया जाएगा। अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने बताया कि योजना में दो ओपन जिम बनाए जाएंगे। यह टावर एच -दो की जगह पर बनाए जाएंगे। झील को छोटा बनाया जाएगा और बाकी जमीन पर पार्क बनेगा। कम्पयुनिटी सेंटर बनने के बाद स्वीमिंग पूल का निर्माण शुरू होगा।
ये प्रमुख कमियां मिलीं
- योजना में पेंटिंग का काम अधूरा
- पार्क के पास शौचालय निर्माण बंद
- फुटपाथ नहीं बने
- गेट नंबर दो के पास की सड़क अधूरी
- पार्किंग में फ्लैट नंबर साफ नहीं
- कई टावरों में गैस पाइपलाइन के कनेक्शन नहीं
- टावर एच-चार में ठेकेदार के मजदूर रहते मिले
- टावर एच-10 व एच-11 का निर्माण कार्य धीमा था