सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर बताया है कि लखनऊ नगर निगम ने उसकी 109 शाखाओं में काम आने वाली स्टेशनरी एक मकान में सील कर दी है। जनवरी से यह स्टेशनरी सील पड़ी हैं और अगर यह उसे नहीं मिलती है तो बेकार हो जाएगी, ऐसे में उसे स्टेशनरी जल्द से जल्द दिलवाई जाए।
हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए निर्णय दिया कि बैंक नगर निगम के समक्ष अपना मामला रखे, जिस पर निगम 15 दिन में उचित निर्णय लेगा। इस अनूठे मामले में बैंक के चीफ मैनेजर की ओर से हाईकोर्ट में बताया गया कि उसने एक नागरिक के परिसर को अपना स्टोर बनाया था।
यहां वह अपने रीजनल ऑफिस की स्टेशनरी रखता था। उनके रीजनल ऑफिस के तहत 109 शाखाएं आती हैं। जिस नागरिक से बैंक ने यह परिसर किराये पर लिया था, उसने समय पर गृहकर नहीं भरा। इसकी वजह से नगर निगम ने उसके परिसर को सील कर दिया है।