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मुलायम परिवार की बैठक में निपटेंगे सपा के बड़े विवाद

Sat, 03 Dec 2016 02:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव - फोटो : amar ujala
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सपा मुखिया मुलायम सिंह के परिवार में बाहरी तौर पर सब कुछ सामान्य दिखने के बावजूद पार्टी से जुड़े कई मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं।
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टिकट वितरण के अधिकार, बर्खास्त युवा नेताओं व मंत्रियों की बहाली के मामले अब परिवार की बैठक में निपटाए जाएंगे। संभावना है कि मुलायम जल्द ही सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर चुनाव में जाने से पहले परिवार में पूरी तरह एकता का संदेश देंगे।

दो माह तक मुलायम परिवार में जबरदस्त घमासान चला। स्थिति यह आई कि शिवपाल यादव सरकार से बर्खास्त हुए तो रामगोपाल को सपा से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। सपा मुखिया की मौजूदगी में सार्वजनिक तौर पर परिवार का विवाद सामने आया। अखिलेश और शिवपाल समर्थकों की तल्खी सड़कों पर दिखाई पड़ी।
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सपा के जिम्मेदार नेता भी आर-पार की जंग होने, अलग पार्टी का गठन किए जाने, पार्टी में बगावत और कब्जे जैसी अटकलें लगाने लगे थे। मुलायम ने जब रामगोपाल को पार्टी और पुराने पदों पर बहाल किया तो इन अटकलों पर काफी हद तक विराम लगने लगा था।

पूरे परिवार ने इस त‌रह दिया एकता का संदेश

सीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा एक्सप्रेस-वे और मेट्रो ट्रेन के ट्रायल रन पर मुलायम परिवार ने जिस तरह की एकता दिखाई वह पार्टी नेताओं के लिए भी चौंकाने वाली थी।

21 नवंबर को एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन पर शिवपाल ने रामगोपाल के पैर छुए तो अखिलेश ने उनके साथ ग्रुप फोटो खिंचवाया।

मुलायम, रामगोपाल और शिवपाल ने अखिलेश की खूब तारीफ की। एक दिसंबर को सपा मुखिया की दोनों बहुएं एक मंच पर साथ-साथ बैठी नजर आईं। उनके हाव-भाव और बातचीत से लग रहा था कि परिवार में पूरा सौहार्द है।

...लेकिन विवाद के मुद्दे अभी कायम

मुलायम ‌सिंह यादव - फोटो : amar ujala
मुलायम ने भले ही परिवार में एकता कायम रहने का संदेश दिया हो लेकिन विवाद के मुद्दे अभी ज्यों के त्यों हैं। अखिलेश समर्थक युवाओं के माफीनामे के बावजूद उनका निष्कासन समाप्त नहीं हुआ है।

तीन एमएलसी समेत कई युवा नेताओं को अखिलेश के समर्थन में उग्र प्रदर्शन करने पर बर्खास्त कर दिया गया था। शिवपाल के साथ ही उनके समर्थक मंत्रियों ओमप्रकाश सिंह, नारद राय और शादाब फातिमा की भी सरकार में वापसी नहीं हो पाई है।

विवाद का असली मुद्दा 2017 के विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण का है। अखिलेश चाहते हैं कि साढ़े चार साल उन्होंने काम किया है, चुनाव में परीक्षा उनकी होनी है, इसलिए प्रत्याशी चयन में उनकी अहम भूमिका होनी चाहिए। चर्चा अमर सिंह की भूमिका को लेकर भी हो सकती है।
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प्रत्याशी चयन में सीएम की बढ़ेगी भूमिका

ऐसी संभावना है कि मुलायम सिंह जल्द ही सीएम अखिलेश, रामगोपाल और शिवपाल के साथ बैठक करके विवाद के मुद्दों को निपटाएंगे। उन्होंने इन मुद्दों पर अलग-अलग बातचीत शुरू भी कर दी है। बर्खास्त युवा नेताओं की बहाली में कोई दिक्कत नहीं है।

बर्खास्त मंत्रियों की वापसी के बदले टिकट वितरण में अखिलेश को ज्यादा अधिकार दिए जा सकते हैं। कुछ और मुद्दों पर मुलायम बीच का रास्ता निकाल सकते हैं।
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