समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की पीठ में छूरा भोंकने वालों की पहचान कराने और उन्हें दंडित करने का फैसला किया है। पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव, महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव व शिवपाल यादव के बीच विचार-विमर्श के बाद राजधानी समेत कुल 26 जिले छांटे गए हैं, जहां जांच कराई जाएगी।
इसके लिए पार्टी नेताओं को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। प्रो. यादव की तरफ से इन जिलों और जांच के लिए नियुक्त किए गए प्रभारी नेताओं को पत्र भेज दिया गया है। सभी जांचकर्ताओं से 1 नवंबर तक रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल में हुए सपा के अधिवेशन में प्रो. यादव ने मंच से गद्दारों की पहचान की बात कही थी। उन्होंने कहा कि कई गद्दार अब भी बाज नहीं आ रहे हैं। इनको दंड देना ही पड़ेगा। माना जा रहा है कि यह फैसला उसी सिलसिले में लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, जिन जिलों में गद्दारों की पहचान का फैसला किया गया है, उनमें लखनऊ की जिम्मेदारी अय्यूब अंसारी, बाराबंकी की श्रीकृष्ण यादव, बहराइच की जयंशकर पांडेय, अमेठी की जिम्मेदारी राजपाल कश्यप, सीतापुर की जिम्मेदारी रामवृक्ष, फैजाबाद की जिम्मेदारी तपेंद्र प्रसाद, सुल्तानपुर की रामदुलार यादव, रायबरेली की जिम्मेदारी नवेद सिद्दीकी को सौंपी गई है।
इनको मिली इन जिलों की जिम्मेदारी
इसके अलावा उन्नाव की मुकेश कुमार चौधरी, प्रतापगढ़ की रामपूजन पटेल, बलिया की रामानंद भारती, चंदौली की राजकुमार यादव, कौशांबी की मोहसिन, मऊ की रफीक अंसारी, वाराणसी की हीरा ठाकुर, गाजीपुर की रामआधार सिंह, कानपुर की रामसेवक, संतकबीर नगर की जावेद आब्दी, खीरी की प्रदीप यादव गुड्डू, कुशीनगर की नईमुल हसन, देवरिया की लल्लन राय, संत रविदासनगर की शिवकुमार राठौर, इलाहाबाद की सुखराम सिंह यादव, आजमगढ़ की उज्ज्वल रमण सिंह, जौनपुर की श्रीपति सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन सभी को संबंधित जिलों में जाकर व कार्यकर्ताओं से बातचीत करके पार्टी के भितरघातियों का पता लगाना है।
साथ ही वहां तैनात किए गए प्रभारियों व पदाधिकारियों की भूमिका के बारे में भी रिपोर्ट देनी है। इस बीच पता चला है कि सपा के फ्रंटल संगठनों की बहाली की भी तैयारी शुरू हो गई है।