सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने मंगलवार को अपनी पार्टी की सरकार की जमकर बखिया उधेड़ी। उन्होंने कहा कि आज सरकार में चापलूसी ज्यादा चल रही है। सारे काम चापलूसी से हो रहे हैं।
सरकार को आइना दिखाते उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को चापलूसी में न फंसने की नसीहत देते हुए कहा कि चापलूसी पसंद लोग हमेशा धोखा खाते हैं। सोचिए दो साल मामूली हैं। मंत्री व अधिकारी एक-एक महीना फाइलें रोके रखते हैं।
मेरे कहने पर फाइलें लौटती हैं। इस मामले में उन्होंने खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति का बाकायदा नाम तक ले डाला।
बोले- पार्टी बड़ी है या सरकार। पार्टी सरकार बनाती है, सरकार पार्टी नहीं बनाती है। सरकार तो और कमजोर कर रही है पार्टी को।
अखिलेश को भी लिया आड़े हाथ
मुलायम यहीं नहीं रुके। बसपा सरकार के प्रति आक्रमक रवैया न अपनाने के लिए उन्होंने अपने पुत्र व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा ‘मुख्यमंत्री, आपके मुंह से क्यों नहीं निकलता कि पिछली सरकार ने सब नाश किया है।’
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा ‘आने वाला चुनाव मेरा चुनाव समझकर नहीं लड़ रहे कुछ लोग मुझे पता है। मेरा चुनाव समझकर चुनाव नहीं लड़ोगे, हमें धोखा दोगे तो मंत्री बने रहोगे, एमएलए का टिकट ले लोगे?’
आगे बोले- ‘अभी तक मैने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा नहीं की है लेकिन जानकारी सब है।’
मौका था मुख्यमंत्री के सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर बिजली परियोजनाओं और कृषि विश्वविद्यालय के परिसरों के लोकार्पण व शिलान्यास का।
बोले सब पता है, कौन क्या कर रहा है
संसदीय कार्य व नगर विकास मंत्री मो. आजम खां और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बाद मुलायम सिंह बोलने के खड़े हुए तो अपनी ही सरकार पर भड़क गए।
पहले तो बिजली को प्राथमिकता पर रखने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया फिर जुट गए सरकार की बखिया उधेड़ने में।
बोले- ‘मुझे पता है कि मंत्रियों के आफिस में प्रदेश के विकास के लिए कब बात होती कब नहीं। सब पता है कि कौन क्या कर रहा है और किस बात के लिए कर रहा है।’
मुलायम धाराप्रवाह बोले जा रहे थे। अखिलेश भी उनके निशाने पर थे। बोले- मुझे खुशी है कि जो योजना मेरे समय में शुरू की गई थी उसे पूरा कर रहे हैं लेकिन उस सरकार के बारे में बताते ही नहीं जिसने पांच साल में नाश किया है। क्यों नहीं बताते?
आजम बोले, आपके मन का हो रहा है
उनकी तल्ख टिप्पणियों पर रह-रहकर ठहाके लग रह थे तो कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री व सभी मंत्री सकते में थे।
बीच-बीच में के वल आजम खां ने उनकी टिप्पणियों के जवाब में कहा कि जैसा वह (मुलायम) चाहते हैं वैसा ही और उनके निर्देश पर हो रहा है।
लेकिन, सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मुलायम ने कहा ‘अधिकारी चपरासी के माध्यम से फाइल भेज देते हैं जवाब भी चपरासी ले जाकर दे रहा है। चपरासी के द्वारा फाइल जा रही और आ रही है। ऐसे सरकार चल जाएगी? उसी वक्त निर्णय लो।
चाहे खिलाफ आदेश करो या संबंधित अधिकारी को बुलाओ। ये तरीका है, अखिलेश आपको बता भी चुका हूं। चाहे अधिकारी हो, मिनिस्टर हो या कोई और, देख चुका हूं टाल मटोल ही हो रही है।
मंत्री की वहीं लगा दी क्लास
मुलायम ने कहा कि फाइलें एक-एक महीना नहीं लौटती हैं। आश्चर्य की बात है कि मेरे कहने पर लौटती हैं और प्रजापति (गायत्री प्रसाद प्रजापति) तेरी तो एक महीने से फाइल नहीं आ रही है।
एक एक महीना फाइल रोके रखने का क्या मतलब? उसके आसपास के बैठे अधिकारी-कर्मचारी भी वही व्यवहार करेंगे।
सरकार बड़ी चीज होती है और पूरी पावर है सरकार को। ये सरकार की पावर का इस्तेमाल ही नहीं करते। सर, सर कह दिया खत्म। सर-सर सुनने के आदी हो गए हैं क्या?’
उन्होंने मंत्रियों से कहा कि अपने-अपने विभाग को जिम्मेदारी से चलाइए।
याद आए अमर सिंह
बिजली परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास के मौके पर मुलायम
को अमर सिंह भी याद आए। उन्होंने बिना नाम लिए अपने भाषण में अमर सिंह का उल्लेख किया।
आजम खां को यह बेहद नागवार गुजरा और वह बार-बार मुलायम को याद दिलाने की कोशिश कर रहे थे कि उन्होंने कई साल पहले अमर सिंह को पार्टी से बाहर निकाल दिया है।
पहले तो मुलायम ने अपने भाषण की शुरुआत में ही आठ साल पहले 2006 में श्रीनगर परियोजना के लिए एमओयू के मौके पर उद्योगपतियों के जमावड़े का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय के एक साथी आज पार्टी में नहीं हैं।
बाद में फिर उन्होंने अमर सिंह की शख्सियत का जिक्र करते हुए कहा ‘एक ही आदमी मुझे पहचान पाया था। वह अब पार्टी में नहीं हैं। बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने उनसे पूछा कि आप उनके साथ क्यों हो, उनमें क्या खूबी है? उन्होंने (अमर सिंह) कहा कि नेता जी बोलते नहीं है जानते सब हैं। जब बोलते हैं तो पूरा पन्ना पढ़ देते हैं।’
'अब तो कब्र में जाना बाकी है'
मुलायम सिंह यादव ने जब आजम खां से सक्रिय होने की कही तो आजम ने तपाक से कहा कि अब तो कब्र में जाना बाकी रह गया है।
मुलायम ने कहा कि आजम साहब बहुत कुछ जानते हैं। आप महामंत्री भी हैं। अब आप सक्रिय हो जाइए। आजम बोले- सारा समय, सारी जिंदगी दे दी आपको। अब तो कब्र में जाना रह गया है।
मुलायम ने हंसते हुए कहा कि आपके साथ अलग से बैठकर बात हो जाएगी। हालांकि, आजम ने इस बीच अमर सिंह को इशारों-इशारों में चापलूस कह डाला और नेताजी को तारीफ न करने का इशारा किया।