भाजपा
के चुनाव घोषणापत्र में जिक्र होने से राममंदिर मामला जहां एक बार फिर
सुर्खियों में आ गया है, वहीं एक दूसरे सियासी मंदिर की भी चर्चा ने जोर
पकड़ ली है।
दरअसल, शिक्षामित्रों के एक नेता ने चुनाव के बाद
शिक्षामित्रों के शिक्षक बन जाने पर अपने पहले वेतन से हर जिला मुख्यालयों
पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का मंदिर बनवाने का ऐलान कर दिया है।
सपा के ही
एक पदाधिकारी कहते हैं कि लगता है कि शिक्षामित्र नेताजी की मीठी नसीहत
से कुछ ज्यादा ही घबरा गए हैं।
वे मंदिर बनवाने की बात कहकर शायद यह बताना
चाहते हैं कि शिक्षामित्र पूरी तरह से उनके साथ हैं। वह कहते हैं कि
नेताजी ने तो हंसी की थी, पर शिक्षामित्र गंभीर हो गए।
उन्हें घबराने की
जरूरत नहीं है। सपा ने बढ़िया प्रदर्शन किया तो शिक्षामित्रों की भी लॉटरी
खुलनी पक्की है।
इसके लिए मंदिर बनवाने की जरूरत नहीं। मुख्यमंत्री तो
मायावती की मूर्तियां स्थापित करने का विरोध करते रहे हैं।