समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए आजमगढ़ में पहली रैली का आगाज भारी भीड़ से करना चाहती है।
चूंकि उसकी रैली की तुलना नरेंद्र मोदी की सभाओं से की जाएगी, इसलिए सपा उन्नीस नहीं रहना चाहती। सियासी शक्ति प्रदर्शन के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
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खुद मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव 29 अक्तूबर को होने वाली रैली की तैयारियों का फीडबैक ले रहे हैं। पूर्वांचल के जिलों में आजमगढ़ का खास महत्व है। सपा ने विधानसभा चुनाव के समय भी रैलियों की शुरुआत यहीं से की थी।
तब कहा जाता था कि लखनऊ का रास्ता आजमगढ़ से होकर जाता है। मिशन 2014 में जुटे स्थानीय सपा अब यही बात दिल्ली के लिए कह रहे हैं। मंत्री बलराम सिंह यादव और ओमप्रकाश सिंह आजमगढ़ में डेरा डाले हैं।
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पड़ोसी जिलों में भी मंत्रियों, जिलाध्यक्षों और प्रमुख नेताओं को भीड़ जुटाने का टारगेट दिया गया है। सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि महारैली को लेकर लोगों में भारी उत्साह है।
24 अक्तूबर को सपा मुख्यालय से रवाना की गईं सामाजिक न्याय व अधिकार यात्रा को भी व्यापक समर्थन मिल रहा है।
सोमवार को सामाजिक न्याय यात्रा और 17 पिछड़ी जातियों की अधिकार यात्रा आजमगढ़ पहुंचकर जनजागरण करेगी। इन यात्राओं के पहले चरण का समापन 29 अक्तूबर को वहीं होगा।
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