जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में बगावत करने पर बिजनौर की विधायक रुचिवीरा को सपा ने सोमवार को निलंबित कर दिया है। राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव ने कहा कि उनके खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों व अनुशासनहीनता में कार्रवाई हुई है।
सपा ने बिजनौर में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नगीना विधायक मनोज पारस की पत्नी नीलम पारस को प्रत्याशी बनाया है। रुचिवीरा उनके खिलाफ अपने पति उदयनवीरा को चुनाव लड़ा रही हैं।
पूर्व सांसद यशबीर सिंह समेत पार्टी के कई नेता उनका साथ दे रहे हैं। अधिकृत प्रत्याशी के विरोध को गंभीरता से लेते हुए सपा ने रुचिवीरा के अलावा उदयनवीरा, यशबीर समेत 4 नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया कर दिया।
आजम खां से करीबी भी नहीं आई काम
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी से बगावत करने वाली बिजनौर की विधायक रुचि वीरा को निलंबित कर सपा ने बागियों को कड़ा संदेश दिया है। वह कद्दावर मंत्री आजम खां की नजदीकी मानी जाती हैं और पिछले साल हुए उपचुनाव में बिजनौर से विधायक बनी थीं।
रुचि वीरा जिला पंचायत अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। साथ ही पूर्व सांसद यशवीर सिंह को सपा से निष्कासित किया गया है। वह 15वीं लोकसभा में प्रमोशन में आरक्षण का बिल फाड़ने को लेकर चर्चा में आए थे। रुचि वीरा का निलंबन और अन्य नेताओं का निष्कासन करके सपा ने बागी नेताओं को संदेश देने की कोशिश की है।
पार्टी ने नगीना (बिजनौर) के पूर्व सांसद यशवीर सिंह के अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष जमील अहमद अंसारी, जिला पंचायत सदस्य उदयन वीरा और नगीना नगर पालिका केचेयरमैन शेख खलीलुर्रहमान को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
कुशीनगर में विजय और शिवनाथ पार्टी से बाहर
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कुशीनगर में पार्टी प्रत्याशी हरीश कुमार राणा का विरोध करने पर फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष विजय यादव और फाजिलनगर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप है।
कुशीनगर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रदीप कुमार जायसवाल को पार्टी विरोधी कार्यों में लिप्त रहने और अनुशासनहीन आचरण के लिए कारण बताओ नोटिस देते हुए तीन दिन में स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
उनसे पूछा गया है कि पार्टी विरोधी आचरण के लिए उन्हें क्यों न निष्कासित कर दिया जाए। कुशीनगर में सपा ने रामकोला के विधायक पूर्णमासी देहाती के पुत्र हरीश राणा को उम्मीदवार बनाया है।
मैनपुरी में मुलायम की भतीजी होंगी उम्मीदवार
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के परिवार की एक और सदस्य मुख्यधारा की राजनीति में उतर आई हैं। सपा ने मैनपुरी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उनकी भतीजी और सांसद धर्मेन्द्र यादव की बहन संध्या यादव को उम्मीदवार बनाया है। पहले यहां से पूर्व मंत्री बाबू राम यादव के पौत्र और पूर्व विधायक अनिल यादव के बेटे राहुल यादव को प्रत्याशी बनाया था।
सपा के ही कई नेता राहुल के टिकट का विरोध कर रहे थे। अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए और दावेदार भी सामने आ गए थे। सपा के गढ़ और मुलायम का संसदीय क्षेत्र रहे मैनपुरी में पार्टी जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर विवाद की स्थिति नहीं चाहती थी। मैनपुरी से इस समय सपा मुखिया के पौत्र तेज प्रताप सिंह सांसद हैं। मुलायम ने मैनपुरी में प्रत्याशी को लेकर विवाद से बचने की सलाह दी थी।
संध्या यादव का नाम सामने आने पर उन्होंने धर्मेन्द्र यादव और तेज प्रताप सिंह को अखिलेश यादव व शिवपाल यादव से मिलने की सलाह दी थी। सोमवार को धर्मेन्द्र व तेज प्रताप ने प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान शिवपाल सिंह भी मौजूद थे।
परिवार के सदस्यों की मीटिंग में संध्या यादव को उम्मीदवार बनाने का निर्णय किया गया। शाम को अखिलेश यादव ने राहुल की जगह संध्या यादव के नाम की घोषणा कर दी। संध्या के पति अनुजेश प्रताप सिंह भी फीरोजाबाद से जिला पंचायत सदस्य हैं। अनुजेश की मां उर्मिला यादव घिरोर क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं।