सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने विधान परिषद चुनाव को लेकर पार्टी के नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों को कड़ी चेतावनी दी है। कहा, चुनाव न जिता पाए तो पार्टी से बाहर कर दूंगा। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व उनकी सरकार को भी जमकर आड़े हाथों लिया।
मुलायम सोमवार को सपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, एमएलसी चुनाव की घोषणा हो गई है, फिर इतनी संख्या में यहां क्यों आए हो? सभी यहां बैठे हैं तो चुनाव कौन लड़ रहा है? यह चुनाव महत्वपूर्ण है और कठिन भी। मैं सभी बीडीसी सदस्यों व प्रधानों के लिए नहीं कहता, लेकिन चरित्र ऐसा हो गया है कि वे पैसा लेते हैं।
उन्होंने कहा, हमने पंचायत के सभी चुनाव जीत लिए हैं। 74 में से हमारे 60 जिला पंचायत अध्यक्ष, 80 फीसदी ब्लॉक प्रमुख, 60-70 फीसदी ग्राम प्रधान जीत गए हैं। अब विधान परिषद चुनाव जीतने हैं। इन चुनावों में ठीक से मदद नहीं की तो पार्टी से बाहर कर देंगे। छह माह बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ जाएगा।
हमारी सरकार थी तो एमएलसी की 36 में से 31 सीटें जीती थीं। अब 36 जीतोगे तो आगे निकल पाओगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे एक माह तक पार्टी ऑफिस न आएं। वे लखनऊ आएंगे तो वोट लुट जाएंगे।
'जब पद पर न हो तो पैसा कमा लेना'
सपा मुखिया ने एक बार फिर मंत्रियों, विधायकों को नसीहत दी। कहा, पैसा कमाना है तो व्यापार करो। सरकार से मदद कराएंगे। पार्टी में व्यापार मत करो।
मंत्री और विधायक जमीन व पैसा न लें। पद पर रहते पैसा कमाना छोड़ दें। पद पर न रहो तो पैसा कमा लेना। तब जनता को परेशानी नहीं होगी।
मंत्रियों, विधायकों के गलत व्यवहार से हारे चुनाव
सपा मुखिया ने कहा, न तो मैं प्रधानमंत्री पद का दावेदार था, न ही मैंने इच्छा जाहिर की थी, लेकिन यदि हमारे 35-40 सांसद जीत जाते तो भाजपा की सरकार न बन पाती। एंटी भाजपा सरकार बनती। हम मुख्यमंत्री थे तो 39 सांसद जीते थे।
36 आम चुनाव में, तीन उपचुनाव में, लेकिन 2014 में केवल परिवार के पांच लोग ही जीत पाए। यदि मंत्रियों, विधायकों का व्यवहार अच्छा होता तो चुनाव न हारते। समीक्षा में भी यही बात निकलकर आई थी।
अब हम 1980 वाले मुलायम नहीं रहे...
मुलायम बोले, हमने मुख्यमंत्री से कहा है कि कार्यकर्ताओं और जनता में जोश भर दो, चुनाव जीत जाओगे। वे हमसे कहते हैं, आप घूमिए।
हम अब 1980 वाले मुलायम सिंह नहीं रहे जो दिन-रात चलते थे, ढाबे पर खाना खाते थे, वहीं सो जाते थे। अब इतनी मेहनत नहीं कर पाएंगे। हम चुनाव में केवल 18 सभाएं करेंगे, हर मंडल में एक सभा।
ऐरे-गैरे कार्यक्रम करते हैं अखिलेश
सपा मुखिया ने कहा, हम जब भी पूछते हैं तो पता चलता है कि अखिलेश किसी कार्यक्रम में हैं। हमने कहा, इंदिरा गांधी और चौधरी चरण सिंह से सीखो। वे छोटी सभाएं नहीं करते थे।
मुख्यमंत्री ऐरे-गैरे कार्यक्रम करते रहते हैं। गांव, गरीब, किसान और अल्पसंख्यकों के बीच जाने की जरूरत है। छोटे कार्यक्रमों से प्रभाव कम होता है।
जब मैं मुख्यमंत्री था, डीएम-एसपी डरते थे
मुलायम ने कार्यकर्ताओं से पूछा कि क्या थानेदार, डीएम-एसपी उनकी बात सुन रहे हैं? जवाब न में मिलने पर बोले, हमारी सरकार में अफसरों में डर था।
वे पार्टी नेताओं से मिलते थे, उनसे सिफारिश लगवाते थे। हमने बाराबंकी, प्रतापगढ़ और बांदा के डीएम एक दिन में निलंबित कर दिए थे।
अंबिका व नारद राय पर भड़के
अंबिका और नारद राय सपा मुख्यालय में सपा सुप्रीमो से मिलने आए थे। संबोधन के दौरान मुलायम ने अंबिका चौधरी का नाम लेकर चारों तरफ देखा।
कहा, अंबिका और नारद राय हमसे मिलने आए थे लेकिन लोगों के बीच नहीं रुके। चुनाव हारने के बावजूद हमने अंबिका को मंत्री और एमएलसी बनाया, लेकिन अंबिका और नारद जनता के बीच खड़े होना ही नहीं चाहते।
हमने 14 माह पहले तय किए थे टिकट
मुलायम ने कहा, हमने विधानसभा चुनाव के टिकट 14 महीने पहले तय कर दिए थे। दूसरे दल इसकी नकल कर रहे हैं। अभी तक प्रत्याशी फाइनल न होने की तरफ इशारा करते उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, सावधान रहना।
...और मोदी चल पड़े
सपा मुखिया ने कहा, मोदी ने इतने वादे किए कि लोगों ने समझा कोई बहादुर आदमी आ गया है। लोगों ने कहना शुरू कर दिया, चलो मोदी, चलो मोदी और मोदी चल पड़े। हमने लोकसभा में कहा था कि मोदी ने झूठे वादे कर लोगों को ठगा है। उन्हें जनता ही हराएगी।