मुलायम सिंह यादव सोमवार को प्रखर समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया की धरती पर समाजवादियों की नब्ज टटोलने में जुटे रहे। अपने 35 मिनट के भाषण में उन्होंने पारिवारिक विवाद का जिक्र तो नहीं किया, लेकिन इशारों-इशारों में बहुत कुछ कह गए।
मुलायम ने कहा कि जहां उनका सम्मान नहीं है, वहां रहना मुश्किल है। साथ ही उन्होंने कड़ा फैसला लेने पर जनता से समर्थन मांगा। अलग पार्टी बनाने के संकेत भी दिए, जिस पर भीड़ ने हाथ हिलाकर समर्थन दिया।
सरायगोपाल प्रेमपुर गांव में सोमवार को हुई मुलायम सिंह यादव की जनसभा में नजारा कुछ अलग ही था। तेज धूप और भीषण गर्मी व उमस में भी लोगों ने मुलायम को सुनने के लिए घंटों इंतजार किया। मंच पर पहुंचते ही मुलायम ने बिना स्वागत सत्कार के अपना भाषण शुरू किया। पहले तो उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार को निशाने पर रखा। इसके बाद दिल की पीड़ा सुनाई।
इस दौरान उन्होंने एक बार भी अखिलेश का नाम नहीं लिया, बल्कि शिवपाल के कसीदे गढ़े। कहा कि जब वह आपातकाल के दौरान जेल में थे, तो शिवपाल ही उनसे मिलने जाते थे और वही खाना लेकर जाते थे। ऐसे भाई पर उन्हें गर्व है। यदि भविष्य में वह कोई कड़ा फैसला लेंगे, तो आप लोग साथ देंगे? इतना कहते ही लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन जताया। भाषण के अंत तक वह जनता से अपने पक्ष में समर्थन जुटाने का आह्वान करते रहे।