सपा में छिड़े घमासान को खत्म करने के लिए पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह ने सपा कार्यालय में मीटिंग बुलाई। बैठक में उन्होंने कहा, मैंने पार्टी बनाने के लिए बहुत संघर्ष किया। लोहिया जी के रास्ते पर चलकर आगे बढ़ा। पार्टी बनाने के लिए जेल भी गया ये सब जानते हैं। पार्टी में चल रहे झगड़े से दुखी हूं।
उन्होंने कहा कि हमने पार्टी के लिए बहुत लाठियां खाईं ये जो उछल रहे हैं, एक लाठी भी नहीं झेल पाएंगे। उन्होंने कहा, मैं इमरजेंसी के दौरान भी जेल में रहा। मुलायम सिंह ने कहा, मैं शिवपाल और अमर सिंह के खिलाफ कुछ नहीं सुन सकता।
शिवपाल जमीन पर बैठता था और मुझे कुर्सी पर बैठाता था। सपा सुप्री़मों ने कहा कि मैं और शिवपाल कभी अलग नहीं हो सकते। उन्होंने बैठक में ये भी कहा, तुम्हारी हैसियत क्या है, अकेले चुनाव जीत सकते हो? अपने संबोधन के बाद मुलायम सिंह ने कहा, अखिलेश तुम्हारे चाचा हैं उनके गले लगो। इसके बाद मुलायम ने दोनों को गले मिलवाया।