सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कांग्रेस और यूपीए सरकार को महंगाई और भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में लगा नहीं कि केंद्र में कोई सरकार है।
सिर्फ महंगाई, भ्रष्टाचार की चर्चा रही। यूपीए सरकार में सीमा की सुरक्षा, गरीबी, बेरोजगारी व महिलाओं की हिफाजत की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। देश अनिश्चय की हालत में खड़ा है।
राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार को समाजवादी प्रबुद्ध सभा के सम्मेलन में मुलायम सिंह के निशाने पर कांग्रेस रही।
उन्होंने कहा कि महंगाई से समाज का हर तबका परेशान है, मेरी जानकारी में है कि महंगाई के दौर में अपना सम्मान बचाए रखने के लिए लोगों ने जेवर तक बेच डाले। उन्होंने लोकसभा में कहा था कि महंगाई रोकी जा सकती है।
इसके लिए दाम बांधो नीति अपनाने को कहा और इसका तरीका भी बताया। एक फसल से दूसरी फसल के बीच दामों में 20 फीसदी से ज्यादा वृद्धि नहीं होनी चाहिए और कारखानों में बनने वाली चीजें ड्योढ़ी से ज्यादा महंगी न हो।
केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने चर्चा के दौरान सभी सदस्यों के सवालों के जवाब दिए लेकिन उनके तर्कों पर चुप्पी साध गए। सरकार की नीयत महंगाई पर नियंत्रण की नहीं रही।
उन्होंने कहा, जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बजट घोषणाओं से लोगों को ठगने की कोशिश की जा रही है।
सपा मुखिया ने कहा कि यूपीए के पांच साल के शासन में सरकार का पता ही नहीं चला।
देश के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। सीमा सुरक्षित नहीं है, चीन हमारी सीमा में 19 किमी तक घुस आया था। गरीबी और बेरोजगारी कम नहीं हुई।
महिलाओं की सुरक्षा का सवाल सामने है। उन्होंने प्रबुद्ध वर्ग से ऐसी सरकार बनाने में सहयोग मांगा जो इन सारे मुद्दों का स्थायी हल खोज सके और देश को राजनीतिक अनिश्चय की स्थिति से निकाल सके।
उन्होंने कहा, देश का वोटर बहुत समझदार है। इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र पर हमला किया तो 1977 में जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया। उस समय पूरे उत्तरी भारत में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिल सकी थी।