उत्तर प्रदेश के लखनऊ में लोकसभा सीटों की समीक्षा करने बैठे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के सामने शिकायतों की भरमार सी लग गई।
कहीं संगठन के लोगों ने प्रत्याशियों की बात-व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त की तो कहीं विधायकों और प्रत्याशी के बीच अनबन सी दिखी।
कुछ
जगह उम्मीदवारों ने भी संगठन व विधायकों को लेकर नाराजगी जताई। सपा प्रमुख
के सामने प्रत्याशियों को लेकर छोटी-छोटी शिकायतें आईं। कुछ ने कहा कि
संगठन के लोगों के कहने के बावजूद अमुक उम्मीदवार फलां व्यक्ति के यहां हुई
मौत में नहीं गया।
लोकसभा सीटों की जमीनी सच्चाई जानने के क्रम में
मुलायम सिंह ने सोमवार को मुरादाबाद, मेरठ व अलीगढ़ मंडल के तहत आने वाली
लोकसभा की सीटों का हालचाल लिया। सपा अध्यक्ष ने हर लोकसभा सीट के नेताओं
को अपने आफिस में अलग-अलग बुलाया।
सीटों की समीक्षा में मुख्यमंत्री
व सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उपस्थित थे। प्रदेश के पूर्वी
जिलों की तुलना में पश्चिम सीटों की समीक्षा के दौरान मुलायम के सामने तमाम
शिकवा-शिकायतें सामने आईं।
शायद ही कोई सीट ऐसी रही हो जहां संगठन,
उम्मीदवार व स्थानीय विधायकों की एकजुटता दिखी हो। पता चला है कि अखिलेश
यादव ज्यादातर समय चुप ही बैठे रहे। अलबत्ता अगर कोई ज्यादा शिकायतें करने
लगा तो उन्होंने इशारे से चुप करा दिया। लोगों से सवाल-जवाब मुलायम सिंह
यादव ने ही किए।
मुलायम ने डपटा भी
सूत्रों के मुताबिक,
कुछ लोगों को मुलायम ने डपटा भी। कहा कि यह मौका आपसी शिकवा-शिकायत का नहीं
बल्कि किसी भी तरह लोकसभा चुनाव जीतने के उपाय तलाशने का है। पार्टी मजबूत
रहेगी। सरकार में रहेगी। दिल्ली में मजबूती मिलेगी तो बाकी सब अपने आप ठीक
हो जाएगा। इसलिए पहला लक्ष्य चुनाव जीतना है।
दादी की मौत पर सांत्वना देने नहीं आए प्रत्याशी
मुलायम
सिंह यादव और अखिलेश यादव के समक्ष जिम्मेदार नेताओं ने निजी मुद्दों को
भी उठाया। मेरठ सीट की समीक्षा के दौरान एक पूर्व प्रत्याशी ने यहां तक कहा
कि पार्टी प्रत्याशी उनकी दादी की मौत पर सांत्वना देने नहीं पहुंचे।
बागपत में और तैयारी की जरूरत
बागपत
सीट की समीक्षा के दौरान सभी नेताओं ने सोमपाल शास्त्री को चुनाव जिताने
का आश्वासन दिया। सिवाल खास के विधायक ने क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से
प्रत्याशी को लेकर संकेतों में सवाल उठाए। इस पर मुलायम सिंह ने कहा कि अब
प्रत्याशी नहीं बदला जाएगा।
चुप रहे कई उम्मीदवार
मुलायम
सिंह यादव ने उम्मीदवारों से चुनावी हालात, संगठन और विधायकों, पूर्व
प्रत्याशियों की से तालमेल और उनसे मिल रहे सहयोग के बारे में पूछा।
जिलाध्यक्ष, महामंत्री, विधायकों और पूर्व प्रत्याशियों की मौजूदगी में कई
उम्मीदावरों ने कहा कि उन्हें कुछ नहीं बोलना है। इस पर मुलायम सिंह ने कहा
कि वे उन्हें अलग से बता दें।