भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को हराने के लिए वाराणसी सीट छोड़ने वाले कौमी एकता दल के मुख्तार अंसारी की राह आसान होती नहीं दिख रही है।
लोक सभा चुनाव में घोसी संसदीय क्षेत्र से कौमी एकता दल के उम्मीदवार माफिया मुख्तार अंसारी को दिल्ली की विशेष अदालत ने निजी पैरोल पर एक से दस मई के दौरान चुनाव प्रचार करने के अनुमति दे दी है। लेकिन मुख्तार अंसारी के प्रचार करने के मंसूबे पूरे होते नहीं दिख रहे हैं।
राज्य सरकार ने कहा है कि वह इस मामले में विधिक परामर्श ले रही है, जिसके बाद कोई फैसला लिया जाएगा।
गौरतलब है कि मुस्लिम समीकरण साधने के लिए वाराणसी से नामांकन वापस लेने वाले मुख्तार के प्रचार करने पर भाजपा को नुकसान हो सकता था।
12 से अधिक मामले दर्ज
गृह सचिव कमल सक्सेना ने बताया कि मुख्तार को निजी व्यय पर पैरोल की अनुमति दिल्ली की मकोका अदालत ने एक मामले में दी है।
मुख्तार अंसारी को एक से दस मई के दौरान चुनाव प्रचार करने की अनुमति मिली है। गृह सचिव ने कहा कि सरकार इस मामले में विधिक परामर्श ले रही है।
गृह सचिव का कहना है कि मुख्तार अंसारी के खिलाफ 12 से अधिक मामले दर्ज हैं। दिल्ली की इस विशेष अदालत ने मुख्तार को एक ही मामले में निजी पैरोल स्वीकृत की है। शेष मामलों पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।
भाजपा विधायक की हत्या के आरोपी
गृह सचिव ने कहा कि ऐसे में राज्य सरकार बगैर विधिक राय लिए कोई फैसला नहीं कर सकती। इसी वजह से विधिक राय ली जा रही है। न्याय विभाग जो परामर्श देगा, उसी के अनुसार कदम उठाया जाएगा।
भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मुख्य आरोपियों में से एक विधायक मुख्तार अंसारी इस बार घोसी संसदीय क्षेत्र से कौमी एकता दल के संसदीय प्रत्याशी हैं।
घोसी में उत्तर प्रदेश में लोक सभा चुनव के छठवें चरण में 12 मई को होने वाले मतदान में वोट पड़ना है। जेल में निरुद्ध होने की वजह से मुख्तार अपने पक्ष में प्रचार नहीं कर पा रहे थे।
इसी वजह से उन्होंने अदालत से इसकी अनुमति मांगी थी। लेकिन राज्य सरकार ने प्रकरण पर विधिक राय लेने की बात कह कर मामले को टाल दिया है और फिलहाल इसकी अनुमति नहीं दी है।