उन्होंने कहा कि हाट के माध्यम से पिछले छह वर्षों में पांच लाख से अधिक कारीगरों, शिल्पकारों और उनसे जुड़े लोगों को रोजगार मिला है। कैलाश खेर, विनोद राठौर, सुदेश भोसले, मोहित खन्ना, शिवानी कश्यप, एहसान कुरैशी जैसे कलाकारों ने हाट में आत्मनिर्भर भारत थीम पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
नकवी ने कहा कि 25वीं हुनर हाट 6 से 14 फरवरी तक कर्नाटक में हो रही है। आने वाले दिनों में नई दिल्ली, कोटा, जयपुर, चंडीगढ़, इंदौर, मुंबई, हैदराबाद, रांची, सूरत, अहमदाबाद, कोच्चि, पुडुचेरी में भी हाट का आयोजन होगा। हाट में निशुल्क स्टॉल के साथ-साथ आने-जाने का किराया और टीए-डीए भी दिया जाता है। कोविड के दौरान भी दिल्ली में हाट का आयोजन किया गया। ब्रिटेन और पुर्तगाल से भी आयोजन के अनुरोध आ रहे हैं। अब पुर्तगाल में हाट लगाने जा रहे हैं।
वजीफे में घपले की गुंजाइश नहीं
नकवी ने कहा कि डीबीटी के माध्यम से छात्रों को वजीफा दे रहे हैं। इसमें घपले और लीकेज की कोई गुंजाइश नहीं है।