लखनऊ। इस्लामिक महीने मुहर्रम का चांद बृहस्पतिवार को हो गया। मरकजी चांद कमेटी के महासचिव मौलाना नईमुर्रहमान और शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने बृहस्पतिवार को मुहर्रम का चांद होने का एलान किया। उलमा ने कहा कि शुक्रवार को मुहर्रम की पहली तारीख और हजरत इमाम हुसैन की शहादत यौम ए आशूरा छह जुलाई को मनाया जाएगा।
मुहर्रम का चांद होने की तस्दीक के बाद शहर में कर्बला के शहीदों का गम मनाने के लिए फर्श-ए-अजा बिछा दी गई। शोकाकुल महिलाओं ने सुहाग की निशानियों को हटा दिया। शहर के पुराने इलाकों में घरों पर काले परचम लगा दिए गए। अजाखानों में अलम सजा कर मातमी सदाएं बुलंद होने लगीं। पहली मुहर्रम शुक्रवार से नौ दिवसीय मजलिसों का दौर शुरू होगा। सुन्नी समुदाय शहीदों की याद में जलसों का आयोजन करेगा।
पहली मुहर्रम से यहां होंगी मजलिसें
मुहर्रम की पहली तारीख से नौ तारीख तक हुसैनाबाद ट्रस्ट की ओर से छोटे इमामबाड़े में सुबह 9 बजे और रात में 8 बजे, इमामबाड़ा शाहनजफ में सुबह 11 बजे, इमामबाड़ा कर्बला मलका आफाक खदरा में दोपहर 3 बजे, मकबरा नवाब सआदत अली खां में सुबह 8 बजे, रौजा ए काजमैन में सुबह 7 बजे, इमामबाड़ा आगा अब्बू साहब में रात 8 बजे, इमामबाड़ा मलका जहां में रात 8 बजे और बड़े इमामबाड़े में पहली मुहर्रम को दोपहर 3 बजे और दूसरी से नौ मुहर्रम तक सुबह 8 बजे मजलिस का आयोजन होगा। इसके अलावा इमामबाड़ा जन्नतमाब में सुबह 9 बजे, इमामबाड़ा गुफरानमआब में सुबह 10 बजे, इमामबाड़ा आगा बाकर में सुबह 11 बजे, मदरसा नाजमिया में दोपहर 2 बजे, अजाखाना आगा होम्यो में दोपहर 3 बजे, मकबरा सआदत अली खां में शाम 6 बजे, इमामबाड़ा नाजिम साहब में मर्सियाख्वानी की मजलिस का आयोजन दोपहर 12:30 बजे होगा।
सुन्नी समुदाय के यहां होंगे शुहदा-ए-इस्लाम के जलसे
मुहर्रम की पहली तारीख से सुन्नी समुदाय की ओर से शुहदा ए इस्लाम और शुहदा ए कर्बला के जलसों का आयोजन किया जाएगा। रकाबगंज स्थित हाता शौकत अली में पहली मुहर्रम से लेकर 15 मुहर्रम तक शुहदा-ए-इस्लाम के जलसों का आयोजन रात 9 बजे, दरगाह शाहमीना शाह में शाम 7:15 और मॉल एवेन्यू स्थित दरगाह दादा मियां में शाम 5:30 बजे जिक्र ए शुहदा ए कर्बला के जलसों का आयोजन होगा। ऐशबाग ईदगाह जामा मस्जिद में सुबह 11 बजे शुहदाए दीन-ए-हक एवं इस्लाहे मआशरा का जलसा होगा। अकबरी गेट स्थित मस्जिद एक मीनारा में शाम सात बजे तजकिरा शुहदा-ए-इकराम के जलस होंगे।
मुहर्रम पर निकलेंगे जुलूस
मुहर्रम की पहली तारीख को आसिफी इमामबाड़े से छोटे इमामबाड़े तक शाही जरीह का जुलूस शाम 5 बजे, जुलूस-ए-जरीह अकदस सुबह 10 बजे शाहनजफ इमामबाड़े में गश्त करेगा। मुहर्रम की सात तारीख को मेहंदी का जुलूस आसिफी इमामबाड़ा से छोटा इमामबाड़ा तक रात 9 बजे निकाला जाएगा।