टैरिफ की चुनौतियों से उद्यमियों को घबराने की जरूरत नहीं है। इन चुनौतियों का डटकर मुकाबला करते हुए ही आगे बढ़ना है। सरकार वार्ता कर रही है, समाधान भी निकलेगा। उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो की उपायुक्त रोचना श्रीवास्तव ने कहा कि एक्सपोर्ट की दिक्कत को लेकर किसी भी तरह युवाओं को घबराने की जरूरत नहीं। एक्सपोर्ट प्रमोशन डिपार्टमेंट का डेडीकेटेड ऑफिस है, जो प्रदेश के एक्सपोर्ट पर ही कार्य कर रहा है। प्रदेश सरकार उद्यमियों के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इससे हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे निर्यातकों, उद्यमियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। एग्जीबिशन में जाने के लिए भी सरकार उद्यमियों को प्रमोट कर रही हैं। नई निर्यात नीति भी प्रख्यात हो गई है। स्कीम पर जो भी हम इंसेंटिव दे रहे थे, उन्हें हमने डबल-ट्रिपल तो किया ही, हमने कई नई योजनाएं भी लॉन्च की हैं।
आईआईए एक्सपर्ट विंग के सलाहकार और एमए हर्बल के सह संस्थापक यावर अली शाह ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ से देश के उद्यमियों को घबराने की जरूरत नहीं है। हम अमेरिका पर ही निर्भर नहीं है। हमारे देश में श्रम करने वाले युवा बहुतायत में है। तमाम युवा उद्यमी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मेहनत लगन और हुनर के दम पर नई राह निकलेगी।
युवा उद्यमी विकास अभियान के नोडल अधिकारी सर्वेश शुक्ला ने कहा कि एक्सपोर्ट में बहुत सारी कमियां जैसे ट्रांसपोर्टर में लॉजिस्टिक में सब चीजों में दिक्कतें आ रही है। मैं जमीन से जुड़ा हूं तो मैं देखता हूं कि समस्याएं आ रही हैं। जो प्रोडक्ट हम खरीद रहे हैं, उसे अलग से हम खुद बनाएं। हमारी इंडस्ट्री हो और हम उस पर काम करके अपने ही प्रोडक्ट को दुगना करने का प्रयत्न करें। उस पर भी काम किया जा रहा है।
कंसल्टेंट हर्षवर्धन ने कहा कि युवा पांच घंटे अपना मोबाइल पर खराब करता है, लेकिन उसके पास विजन भी है। डिजिटल लाइब्रेरी का कॉन्सेप्ट भी। गांव में अब फिजिकल लाइब्रेरी नहीं, वहां डिजिटल लाइब्रेरी बन रही है। क्लाउड किचन भी इसका उदाहरण है। युवाओं को उन ऐप का भी इस्तेमाल करना चाहिए, जिनसे कुछ नई सीख मिले। सीखो एप भी इसका एक हिस्सा है।
उत्तर प्रदेश के युवा खासकर महिलाएं यदि किसी क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करना चाहती हैं, तो उन्हें महज पांच फीसदी की दर एक करोड़ तक का लोन मिल सकता है। इस पहल में सरकार व बैंक मिलकर सहयोग करेंगी। गोमतीनगर के विभूतिखंड स्थित आईआईएम भवन में बृहस्पतिवार को आयोजित अमर उजाला व एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव में ''पहल युवाओं को उद्यमी बनने की'' चर्चा में वक्ताओं ने इस बात की जानकारी दी।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक राजेश कुमार ने पैनेलिस्ट परिचर्चा के दौरान कहा कि बैंक से लोन लेकर युवा आगे बढ़ रहे हैं। आप चाहे तो किसी भी स्तर पर लोन ले सकते हैं। महिलाओं के लिए विशेष लोन की सुविधा है और बहुत आसानी से मिल जाएगी।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के नोडल अधिकारी सर्वेश्वर शुक्ला ने कहा कि आज सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार है। यूपी की 35 फीसदी आबादी युवा की है। सभी के पास डिजिटल फोन है और सोशल मीडिया से जुड़ा है। एआई से हम नवाचार को बढ़ावा देने के साथ ही स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से स्किल को बढ़ावा मिल रहा है। सरकार पांच लाख का लोन भी दे रही है, इसके साथ ही 10 फीसदी सब्सिडी भी दे रही है। छह महीने में मूल धन वापस भी कर सकते हैं।
यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि हमारे पास 17 से 18 करोड़ युवा हैं, लेकिन हर हाथ को सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है। ऐसे में हमने यूथ अड्डा ऐप के माध्यम से युवाओं को स्टार्टअप के बारे में जानकारी देने की पहल शुरू की है। इसका असर दिखने लगा है।
गोमतीनगर स्थित आईआईए भवन का हॉल बृहस्पतिवार को उद्यमियों से खचाखच भरा था और उद्यमियों के भीतर भरी थीं जिज्ञासाएं। उनके कुछ सवाल थे, तो सुनने, जानने और सीखने की ललक भी थी। मौका था अमर उजाला की ओर से आयोजित एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव का। इस दौरान मौजूद ज्यादातर उद्यमी युवा थे, जिनकी आंखों में सफल उद्यमी बनने की चाह साफ नजर आई और यह कॉन्क्लेव उनके लिए बेहतरीन अवसर भी था।
कार्यक्रम के औपचारिक शुभारंभ के बाद सत्रों की शुरुआत हुई। विशेषज्ञों ने टैरिफ की चुनौतियों और समाधान से लेकर युवाओं को उद्यमी बनाने की पहल तक पर अपने विचार रखे। इस दौरान मौजूद उद्यमियों ने बैंक से लेकर उद्यम लगाने तक की परेशानियों का जिक्र भी किया, जिन्हें विशेषज्ञों ने समाधान की राह दिखाई। कुछ उद्यमियों ने तो सीधे एमएसएमई मंत्री राकेश सचान के सामने ही समस्या रख दी, जिन्हें मंत्री ने न सिर्फ धैर्य से सुना, बल्कि उनके सही सलाह के साथ समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया। उद्यमी निहारिका सिंह ने कहा कि मुद्रा लोन लेने में बहुत सी चुनौतियां हैं और दो सौ से अधिक पेपर साइन करने पड़ते हैं। ऋषि त्रिपाठी ने पूछ लिया कि क्या बिना किसी अप्रोच के लोन मिल सकता है। विशेषज्ञों ने अपने जवाब से उन्हें संतुष्ट किया।
आईआईए लखनऊ चैप्टर के अध्यक्ष विकास खन्ना ने एमएसएमई मंत्री से कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत लोन लेकर जो युवा अपने घर से उद्यम की शुरुआत करते हैं, उन पर आवासीय घर को कॉमर्शियल में तब्दील कराने का दबाव बनाया जाता है। इस पर मंत्री ने कहा कि ऐसा नहीं है, इसे लेकर कुछ नियम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी समस्या आ रही है, उसे विभाग तक पहुंचाएं तो समाधान जरूर निकलेगा।
कॉन्क्लेव में विशिष्ट अतिथि व डीएम लखनऊ विशाख जी ने युवा रोजगार के क्षेत्र में एमएसएमई को मील का पत्थर बताया। कहा 2000 से ज्यादा युवाओं को सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत पांच लाख तक का कर्ज दिया गया। लखनऊ में आइडिया की कमी नहीं है। यूनिक आइडिया को सीएम युवा अभियान बड़ा प्लेटफॉर्म दे रहा है। फील्ड ऑफिसर के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें लाभ पहुंचाएं।
अमर उजाला की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि लखनऊ में एक्सपोर्ट ई कॉमर्स हब बनाने का मुद्दा अमर उजाला ने उठाया है, जिसकी वह बैठक करके आ रहे हैं। इसके लिए अफसरों को डीपीआर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। व्यापार, उद्योग व निर्यात बढ़ाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।
युवा उद्यमी को मंत्री राकेश सचान ने किया सम्मानित
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अवध की पहचान चिकनकारी कारीगरी को रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान मिल रही है। राजधानी के युवा शिक्षा क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने के साथ पारंपरिक काम में नवाचार की तलाश कर दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला व एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि एमएसएमई, वस्त्र एवं हथकरघा उद्योग के मंत्री राकेश सचान ने इन उद्यमियों को सम्मानित किया।
डिजिटल लाइब्रेरी से शिक्षा की अलख जगा रहीं गरिमा
लखनऊ विश्वविद्यालय न्यू कैंपस के पास डिजिटल लाइब्रेरी चलाती हूं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत पांच लाख रुपये के ऋण से छोटा सा स्टार्टअप शुरू करने में मदद मिली। आगे भी समाज के शैक्षिक विकास में निरंतर योगदान देती रहूंगी। - गरिमा पांडे, युवा उद्यमी
चिकनकारी में स्टार्टअप, 25 अन्य को भी रोजगार से जोड़ा
डिजाइनिंग की पढ़ाई के बाद खुद का स्टार्टअप शुरू करने की ठानी। विभिन्न अवसरों की तलाश की और लखनऊ में अपना चिकनकारी व्यवसाय शुरू किया। यूनियन बैंक से पांच लाख रुपये का सीएम युवा ऋण प्राप्त हुआ। आज 25 लोगों को रोजगार दे रही हूं। - आयुषी शुक्ला, युवा उद्यमी
18 साल से चिकनकारी निर्यातक के रूप में दे रहा हूं सेवा
जरी जरदोजी और चिकनकारी के निर्यातक में करीब 18 साल से कारोबार कर रहा हूं। कई देशों तक निर्यात करने के साथ-साथ देश के बड़े ब्रांड्स के साथ भी काम रहा हूं। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से तीन हजार से ज्यादा कारीगरों को रोजगार मिला है। - मोहम्मद जफर सिद्दीकी, उद्यमी।
वोकल फॉर लोकल से बने आत्मनिर्भर
वोकल फॉर लोकल की तर्ज पर स्टार्टअप की शुरुआत की। गुड मॉर्निंग ब्रांड से उच्च क्वालिटी के ब्रेड, नमकीन और रस्क बना रहे हैं। एक हजार से ज्यादा चैनल पार्टनर इसके जरिये आत्मनिर्भर बने हैं। समाज को अपने हिस्से से जितना बन सके, उतना योगदान देना चाहिए। - भीम अग्रवाल, उद्यमी
हर्बल उत्पादों से ग्रामीण आजीविका को मिल रहा बढ़ावा
साल 1986 में पिता ने मेघदूत हर्बल कंपनी शुरू की थी। इससे प्राकृतिक और हर्बल उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिल रहा है। पिता की परंपरा और सामुदायिक मूल्यों पर आधारित एक विकासशील वेलनेस उद्यम पर काम कर रहा हूं। विरासत और नवाचार के मेल पर काम में तेजी आ रही है। - विमल शुक्ला, प्रबंध निदेशक मेधदूत हर्बल
पारंपरिक काम आगे बढ़ाया, 15 को रोजगार से जोड़ा
कंप्यूटर में स्नातक की पढ़ाई के बाद कई क्षेत्र में काम के बारे में सोचा, लेकिन पारंपरिक काम को नए तरीके से शुरू करने पर नई पहचान मिली। अभी बीकेटी में एल्युमिनियम बर्तन का कारोबार है। पारंपरिक काम को आगे बढ़ाने के साथ ही 15 लोगों को रोजगार से जोड़ा है। - आनंदी अग्रवाल, चेयरपर्सन, आईआईए महिला विंग
स्टार्टअप की तरफ ध्यान दें युवा
लखनऊ में ही बाक्स का कारोबार है। इस काम को साल 2014 से कर रहा हूं। काम को आगे बढ़ाने में सरकार का भी सहयोग मिला है। मुझे खुशी है कि इस काम से 25 लोगों को नौकरी मिली है। युवाओं को स्टार्टअप की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। - विकास खन्ना, चेयरमैन, आईआईए लखनऊ चैप्टर