फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उपलब्धि : यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 6500 करोड़ के हुए एमओयू, 15,500 करोड़ का हुआ कारोबार

Tue, 29 Sep 2026 08:59 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ/ग्रेटर नोएडा

सार

इस बार ट्रेड शो का अंतरराष्ट्रीय दायरा भी काफी बढ़ा। पिछले संस्करण में जहां रूस एकमात्र पार्टनर देश था, वहीं इस साल रूस के साथ-साथ ऑस्ट्रिया, जापान, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम सहित कुल छह देशों ने पार्टनर कंट्री के रूप में हिस्सा लिया।
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण ने भीड़, निवेश और कारोबार के लिहाज से कई नए रिकार्ड बनाए। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक चले पांच दिवसीय ट्रेड शो में 6500 करोड़ रुपये के 4400 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। बिजनेस इन्क्वायरी के आधार पर करीब 15,500 करोड़ का कारोबार हुआ। पिछले शो की तुलना में इस बार 1.5 लाख लोग ज्यादा आए।

विज्ञापन


फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (एफआईईओ) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस बार 41,500 बी2बी एवं व्यावसायिक बैठकें दर्ज की गईं। इनमें से 13,500 बैठकें रिवर्स बायर्स-सेलर्स मीट (आरबीएसएम) क्षेत्र में हुईं, जबकि मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में करीब 28,000 कारोबारी संवाद हुए। पांच दिनों में ट्रेड शो में कुल 5,98,693 दर्शकों और व्यावसायिक खरीदार पहुंचे। इसमें 1,74,990 घरेलू बिजनेस बायर्स और 4,23,703 आम दर्शक शामिल हैं।

पिछले वर्ष की तुलना में हर प्रमुख कारोबारी पैमाने पर भारी उछाल देखने को मिला। वर्ष 2025 में दर्ज 31,650 बी2बी बैठकों की तुलना में इस बार यह संख्या 41,500 पहुंच गई। विदेशी खरीदारों के साथ बैठकें 6,050 से बढ़कर 13,500 हो गईं। वहीं मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र की बैठकों में 9.38 प्रतिशत की बढ़त रही।
विज्ञापन


हस्ताक्षरित एमओयू की संख्या 3,900 से बढ़कर 4,400 तक पहुंची। एमओयू का अनुमानित मूल्य 2680 करोड़ से उछलकर 6,500 करोड़ पहुंच गया। बिजनेस इन्क्वायरी भी 12,500 करोड़ से बढ़कर 15,500 करोड़ रुपये हुई।

इस बार ट्रेड शो का अंतरराष्ट्रीय दायरा भी काफी बढ़ा। पिछले संस्करण में जहां रूस एकमात्र पार्टनर देश था, वहीं इस साल रूस के साथ-साथ ऑस्ट्रिया, जापान, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम सहित कुल छह देशों ने पार्टनर कंट्री के रूप में हिस्सा लिया। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों ने राज्य के विनिर्माण, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और एग्री-फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में विशेष रुचि दिखाई।

एक जिला, एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना पूरे आयोजन के दौरान विदेशी व घरेलू बायर्स के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रही। प्रदेश के 75 जिलों के पारंपरिक शिल्प, हथकरघा, पीतल उत्पाद, कालीन, चमड़ा उद्योग और विशिष्ट कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिली। एमएसएमई और स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से सीधे ऑर्डर मिले।

विज्ञापन

चार साल में दोगुनी हो गई संख्या

वर्ष 2023 करीब 3 लाख लोग आए
वर्ष 2024 करीब 4 लाख लोग आए
वर्ष 2025 करीब 4.5 लाख लोग आए
वर्ष 2026 करीब 5.99 लाख लोग आए
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें