इमाम-ए-जुमा मौलाना कल्बे जव्वाद के आह्वान पर शनिवार को प्रदेश भर से बुजुर्ग उलमा राजधानी में जुटे।
इसका मकसद वाराणसी संसदीय सीट पर हो रहे चुनाव को लेकर अल्पसंख्यक समुदाय का रुख तय करना था।
हालांकि मौलाना कल्बे जव्वाद के जौहरी मोहल्ला स्थित आवास पर देर रात शुरू हुई बैठक में कोई फतवा जारी नहीं हो सका।
बैठक में वाराणसी के इमाम-ए-जुमा व शहर काजी के भी शामिल होने की खबर है।
माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस विरोधी मुहिम को अब भाजपा के नरेंद्र मोदी व आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल में तौला जा रहा है।
‘आप’ के समर्थन में मुस्लिम वोटरों को एकजुट करने करने की कवायद की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
मौलाना कल्वे जव्वाद व वाराणसी के इमाम-ए-जुमा रविवार को मीडिया को संबोधित कर अपना रुख जाहिर कर सकते हैं।