साकल चंद विश्वविद्यालय गुजरात और लखनऊ की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी फ़ारसी विश्वविद्यालय के बीच एमओयू साइन किया गया है। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव आर रमेश कुमार ने कहा उत्तर प्रदेश का बोर्ड सबसे बड़ा है और गुजरात ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किया है। हम गुजरात के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार करेंगे।
वहीं, गुजरात के राजस्व मंत्री कौशिक भाई पटेल ने कहा कि यूपी में जो अच्छा है वह गुजरात ले जाएंगे और हमारे पास जो अच्छा है उसे हम आपको बताएंगे। देश को आगे बढ़ाना है तो सभी प्रदेशों को साथ मिलकर काम करना होगा। सभी को पता है कि गुजरात का उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर सबसे अच्छा है और अब सरकार शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है।
गुजरात मे एमबीबीएस और इंजीनियरिंग में सरप्लस सीटें हैं। उनका लाभ दूसरे प्रदेश के लोगों को भी मिलना चाहिए। इससे शिक्षा के क्षेत्र में गुजरात में निवेश बढ़ेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प को साकार करना होगा। गुजरात में शिक्षा के कारण काफी इंडस्ट्री आ रही है। शिक्षा के प्रमोशन के लिए हमारी टीम आपके बीच आई है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में यूपी में काफी बदलाव आया है। यहां के विद्यार्थियों को गुजरात आने के बाद पारिवारिक माहौल और अपनापन मिलेगा। गांधी और मोदी के कारण गुजरात को बहुत कुछ मिला और अब हम उसमें से सभी को देना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि गुजरात में शिक्षा का औसत 73 है। पुरुषों की शिक्षा का देश में औसत 80 प्रतिशत है जबकि गुजरात में 85 प्रतिशत है। महिला शिक्षा का देश में औसत 64 प्रतिशत है वहीं गुजरात में 69 प्रतिशत है। हमारी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी पर खूब काम किया है। आप शिक्षा के लिए गुजरात आईये हम आपकी देखभाल करेंगे। आपको विश्वास दिलाता हूँ कि हमारे यहां शिक्षा प्राप्त करने के बाद बच्चे उत्तर प्रदेश को आगे ले जाएंगे।