बहराइच के बिछिया क्षेत्र में एक मां ने अपने जिगर के टुकड़े को तेंदुए के जबड़े में देख सहम गई। बिना देरी किए पास पड़े डंडे को लेकर वह तेंदुए से भिड़ गई। दस मिनट तक चले संघर्ष में मां अपने पांच साल के बेटे को तेंदुए के जबड़े से खींच लाई। शोर सुनकर लोग दौड़े तो तेंदुआ दीवार फांदकर जंगल की ओर भाग गया। तेंदुए के हमले में बेटा जख्मी हुआ है। उसे पीएचसी से सीएचसी रेफर कर दिया गया है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के सुजौली रेंज अंतर्गत बनकटी रमपुरवा गांव जंगल से सटा हुआ है। गांव निवासी कृष्णानंद की पत्नी विमला देवी बीती देर शाम को खाना बना रही थी। घर के लोग बरामदे में खाना खा रहे थे। इसी दौरान कृष्णानंद का पांच वर्षीय पुत्र ईश्वर प्रसाद खाना खाने के बाद आंगन में लगे हैंडपंप पर पानी पीने चला गया। तभी वह जोर से चीखा। खाना बना रही विमला देवी ने आंगन की ओर देखा तो बच्चे को तेंदुआ जबड़े में दबाए था। मां दौड़ी और पास पड़े डंडे को उठाकर तेंदुए से भिड़ गई। मां ने बच्चे को तेंदुए के जबड़े से खींच लिया। छीनाझपटी में बेटा जख्मी हो गया। शोर सुनकर परिवारीजनों के साथ गांव के लोग एकत्रित हो गए। इस पर तेंदुआ दीवार फांदकर जंगल की ओर चला गया।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनोद कुमार ने तेंदुए के हमले की सूचना रेंज कार्यालय पर दी। मौके पर कोई भी वनकर्मी नहीं पहुंचा है। जख्मी बच्चे को रात में ही पीएचसी सुजौली पहुंचाया गया। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा रेफर कर दिया गया है। डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि हमले की सूचना मिली है। टीम को मौके पर भेजा जा रहा है।