प्रदेश की नई शहरी सरकार में 25 फीसदी से अधिक निकायों के मुखिया करोड़पति हैं। 16 नगर निगम में से 13 के महापौर करोड़पति हैं। 198 नगर पालिका परिषद के अध्यक्षों में से 80 के अध्यक्ष करोड़पति हैं। निकायों के जनप्रतिनिधियों में सभी लखपति तो हैं ही। गरीब या बीपीएल श्रेणी का एक भी व्यक्ति नहीं चुना गया है।
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16 नगर निगमों में 2 महापौर के पास 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति है। 1 महापौर के पास 50 लाख से एक करोड़ तक की संपत्ति है। 13 महापौर के पास एक करोड़ से अधिक की अचल संपत्ति है। 4 महापौर के पास 50 लाख तक की चल संपत्ति है। 2 के पास 25 से 50 लाख, 4 के पास 50 लाख से एक करोड़ रुपये और 6 महापौर के पास एक करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति है।
1300 पार्षदों में से 129 के पास एक करोड़ से अधिक की अचल और 7 के पास एक करोड़ से अधिक की चल संपत्ति है। 841 पार्षदों के पास 25 लाख तक की अचल और 1144 पार्षदों के पास 25 लाख की तक चल संपत्ति है। 179 पार्षदों के पास 50 लाख तक की अचल और 110 के पास 50 लाख तक चल संपत्ति है।
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134 पार्षदों के पास एक करोड़ तक की अचल और 36 पार्षदों के पास एक करोड़ तक की चल संपत्ति है।
नगर पालिका परिषद के 49 अध्यक्षों के पास 25 लाख तक की अचल और 113 के पास 25 लाख तक की चल संपत्ति है। 37 अध्यक्षों के पास 50 लाख तक की अचल और 40 अध्यक्षों के पास 50 लाख तक की चल संपत्ति है। 16 अध्यक्षों के पास एक करोड़ तक की चल और 32 अध्यक्षों के पास एक करोड़ तक की अचल संपत्ति है।
438 नगर पंचायतों के अध्यक्षों में से 102 अध्यक्षों के पास एक करोड़ से अधिक की अचल और 9 अध्यक्षों के पास एक करोड़ से अधिक की चल संपत्ति है। 83 अध्यक्षों के पास एक करोड़ तक की अचल और 27 अध्यक्षों के पास एक करोड़ तक की चल संपत्ति है। 77 अध्यक्षों के पास 50 लाख तक की अचल और 56 अध्यक्षों के पास 50 लाख तक की चल संपत्ति है। 173 अध्यक्षों के पास 50 लाख तक की अचल और 345 अध्यक्षों के पास 50 लाख तक की चल संपत्ति है।
शहरी सरकार में युवाओं का दबदबा
वार्ड 34, तिलकनगर से जीती 23 साल की शादियां रफीक।
शहरों की सरकार के चुनाव में युवा मतदाताओं ने युवा प्रत्याशियों के हाथ ही कमान सौंपी है। 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों में चुने गए 12,644 प्रतिनिधियों में 37.92 फीसदी 21 से 35 वर्ष की आयु और 34.57 फीसदी 36 से 45 वर्ष की आयु के हैं। 23.30 प्रतिशत की आयु 46 से 60 वर्ष के बीच है। 4.22 फीसदी प्रतिनिधियों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है।
16 नगर निगमों के महापौर में से 4 की उम्र 60 वर्ष से अधिक है, 7 महापौर की उम्र 46 से 60 वर्ष, 4 की उम्र 36 से 45 वर्ष और एक महापौर की उम्र 21 से 35 वर्ष है। 198 नगर पालिका परिषद में 27 अध्यक्षों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है। 96 अध्यक्षों की उम्र 46 से 60 के बीच है, 58 अध्यक्षों की आयु 36 से 45 वर्ष और 17 अध्यक्षों की उम्र 21 से 35 वर्ष के बीच है। 438 नगर पंचायत अध्यक्षों में से 42 की आयु 60 वर्ष से अधिक है। 164 अध्यक्षों की उम्र 46 से 60 वर्ष के बीच है। 182 अध्यक्षों की उम्र 36 से 45 वर्ष और 50 सदस्यों की उम्र 21 से 35 वर्ष के बीच है।
7 नगर पालिका परिषद और 30 नगर पंचायतों के अध्यक्ष निरक्षर हैं। 102 पार्षद, 622 नगर पालिका परिषद सदस्य और 770 नगर पंचायत सदस्य भी निरक्षर हैं। 16 महापौर में से केवल एक पीएचडी हैं। नगर निगमों के 6 पार्षद पीएचडी हैं। 2 नगर पालिका परिषद अध्यक्ष, 9 पालिका परिषद सदस्य, 6 नगर पंचायत अध्यक्ष और और 9 नगर पंचायत सदस्य पीएचडी हैं। निकाय चुनाव में निर्वाचित कुल 12,644 प्रत्याशियों में से 2107 प्राइमरी, 1941 जूनियर हाई स्कूल, 1410 हाईस्कूल, 1756 इंटर, 113 डिप्लोमा, 2292 स्नातक, 907 परास्नातक और 554 अन्य डिग्री प्राप्त हैं।
आपराधिक प्रवृत्ति के 282 प्रत्याशी जीते
निकाय चुनाव में 282 पदों पर आपराधिक प्रवृत्ति के प्रत्याशी जीते हैं। 12 हजार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जबकि 362 की जानकारी आयोग के पास नहीं है।