राजधानी के सरकारी अस्पतालों में इलाज और दवा के नाम पर दलाली के बाद अब शव सील करने में अवैध वसूली का खेल सामने आया है।
शुक्रवार को आग में झुलसी एक महिला की मौत के बाद मॉर्च्युरी में शव सील करने के लिए 1500 रुपये मांगे गए। परिवारीजनों ने इन्कार किया तो कर्मचारी ने शव सील करने से ही मना कर दिया।
इसके बाद परिवारीजनों ने हंगामा किया तो गोरखधंधा सामने आ गया। तीमारदारों का आरोप था कि मरीज की मौत के बाद मोटी रकम वसूली जाती है और कोई पैसा देने से मना कर देता है तो परेशान किया जाता है।
हरदोई स्थित बेनीगंज के गुखरपुरवा निवासी महावीर की पत्नी मीना देवी (38) खाना बनाते वक्त झुलस गई थीं। बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे मीना की मौत हो गई।
मीना के जेठ मूलचंद ने बताया कि सुबह आठ बजे पंचनामा कराना चाहा तो कर्मचारी ने शव सील करने के लिए 1500 रुपये मांगे। नहीं देने पर कर्मचारी ने शव सील करने से मना कर दिया।
पुलिस कर्मियों ने दोनों पक्षों के बीच 1000 रुपये में समझौता कराकर छह घंटे बाद शव सील कराकर पोस्टमार्टम को भिजवाया।