मार्च से लेकर जुलाई तक करीब 15 से अधिक कोरोना पॉजिटिव आने के बाद लापता हो गए हैं। इन्हें स्वास्थ्य विभाग व पुलिस नहीं तलाश पाई। इसकी वजह यह है कि यह संक्रमित मरीजों ने जांच के दौरान नाम, पता व मोबाइल नंबर फर्जी दर्ज कराया था। ऐसे में इन छिपे रोगियों ने समुदाय में घूमकर संक्रमण की नई चेन बनाई है। वहीं, कई प्रवासी भी गलत नंबर डलवाकर गायब हो चुके थे। तत्कालीन सीएमओ ने इसकी सूचना प्रशासन व पुलिस को भेजी थी।
अब जांच के लिए आईडी प्रूफ जरूरी होगा
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि अब मरीजों की आईटीपीसीआर जांच के लिए उन्हें अपना आईडी प्रूफ देना होगा। बिना जांच आईडी प्रूफ के जांच नहीं कराई जाएगी। इसे लेकर बीते दिनों ने डीएम ने आदेश जारी किया है। आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, निर्वाचन आयोग कार्ड समेत अन्य साक्ष्य देने पर जांच होगी। वहीं, एंटीजेन जांच के लिए कोई भी आईडी प्रूफ की जरूरत नहीं होगी।