अखिलेश सरकार ने 3166 करोड़ रुपये के निवेश वाली छह नई मेगा परियोजनाओं की स्थापना से जुड़ा आदेश जारी कर दिया है। इससे प्रत्यक्ष व परोक्ष तौर पर करीब 11,645 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
ये परियोजनाएं ग्रेटर नोएडा, कानपुर देहात, मथुरा, शाहजहांपुर, महोबा और ललितपुर जिले में स्थापित होंगी।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने केस-टू-केस आधार पर निवेशकों के मेगा प्रोजेक्ट प्रस्तावों पर विशेष सुविधाओं व रियायतों से जुड़े सरकार के फैसले के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश गुरुवार को जारी किए।
इन इकाइयों को सात से 10 वर्षों में करीब 3184 करोड़ रुपये मूल्य की सुविधाएं व प्रोत्साहन दिए जा सकेंगे। एलजी ग्रेटर नोएडा में 1328 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है।
यह एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन, कंप्रेशर, मोटर, माइक्रोवेव, एलईडी, टीवी, मोबाइल फोन व वाटर प्यूरीफायर का उत्पादन करेगी। इन सभी को एक ही श्रेणी का उत्पाद मानकर सुविधाएं दी जाएंगी।
इन्हें मिलेगा 200 करोड़ से 500 करोड़ वाली योजनाओं का लाभ
इसी तरह सुखबीर एग्रो एनर्जी की महोबा व ललितपुर इकाइयों को एक मेगा परियोजना मानकर 200 करोड़ से 500 करोड़ की श्रेणी वाले प्रोजेक्ट की सुविधाएं दी जाएंगी। शाहजहांपुर प्रोजेक्ट को इससे अलग माना जाएगा।
ये कंपनियां करेंगी निवेश
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया--ग्रेटर नोएडा--1328 करोड़
स्पर्श इंडस्ट्रीज--कानपुर देहात--324 करोड़
अशर एग्रो--मथुरा--272.79 करोड़
सुखबीर एग्रो एनर्जी--शाहजहांपुर--278.46 करोड़
सुखबीर एग्रो एनर्जी--महोबा व ललितपुर--377.99 करोड़
बेन्नेट इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन--ग्रेटर नोएडा--585 करोड़
इन पुराने मेगा प्रोजेक्ट को और सहूलियत
अखिलेश यादव
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श्री सीमेंट को दो चरणों में 728 करोड़ रुपये का निवेश करने की अनुमति दे दी गई है। कंपनी बुलंदशहर के सिकंदाराबाद में प्रतिवर्ष 20 लाख मीट्रिक टन सीमेंट तथा तीन लाख क्यूबिक मी. एएसी का उत्पादन करेगी। इस पर 578 करोड़ का निवेश होगा।
दूसरे चरण में कंपनी सिकंदराबाद में सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट की क्षमता 20 लाख टन से बढ़ाकर 30 लाख टन प्रतिवर्ष करेगी। इस पर 150 करोड़ निवेश किया जाएगा।
इसी तरह सैमसंग नोएडा की मौजूदा इकाई पर हैंड हेल्ड मोबाइल डिवाइस की क्षमता 3.30 करोड़ इकाई से बढ़ाकर 4.40 करोड़ इकाई करेगी। इसी इकाई से जुड़ी एक नई इकाई स्थापित की जाएगी।
यहां हैंडहेल्ड सेलुलर फोन व टैबलेट, कंप्यूटर व रेफ्रिजरेटर का उत्पादन होना है। सरकार ने इसके मोबाइल फोन, टैबलेट, कंप्यूटर व रेफ्रिजरेटर को एक ही श्रेणी का उत्पाद मानकर सुविधाएं देने का फैसला किया है। एक अन्य निवेशक के प्रोजेक्ट पसवारा पेपर्स को ग्रीनफील्ड इकाई की मान्यता दे दी गई है।
पूर्वांचल, मध्यांचल व बुंदेलखंड में मेगा प्रोजेक्ट को सुपर सुविधाएं
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1000 करोड़ या इससे अधिक निवेश वाले प्रोजेक्ट को सुपर मेगा प्रोजेक्ट के लाभ मिलेंगे। पूर्वांचल, मध्यांचल व बुंदेलखंड में स्थापित होने वाली इकाइयों को पूंजी निवेश का 300 प्रतिशत तक तथा अन्य क्षेत्रों में पूंजी निवेश का 100 प्रतिशत तक सुविधाएं 15 साल तक दी जा सकेंगी।
ऐसी परियोजनाओं के निवेशकों द्वारा वैट, सीएसटी व जीएसटी मद में प्रदेश सरकार के खाते में जमा की गई राशि का 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी।
इसके अलावा पांच साल से अधिक समय पर पूरे सावधिक ऋण पर पूंजी ब्याज उपादान का लाभ दिया जाएगा। केवल प्लांट व मशीनरी पर ऋण के ब्याज उपादान की जगह पूरे ऋण पर यह लाभ मिलेगा।
अवस्थापना ब्याज उपादान का लाभ भी कंपनियां पाएंगी लेकिन यातायात, पूंजी, अवस्थापना सुपर मेगा श्रेणी में 1000 करोड़ का पूंजी निवेश कर लेने और किसी एक चरण का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के बाद ही इकाई विशेष सुविधाएं ले सकेंगी।