प्रदेश में छठे चरण की 18 लोकसभा सीटों की तस्वीर साफ हो गई है। नाम वापसी के आखिरी दिन 15 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं।
ऐसे में अब 329 उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे हैं। छठे चरण की अधिसूचना 17 अप्रैल को जारी हुई थी। इसी दिन से नामांकन शुरू हुए।
24 अप्रैल तक हुए नामांकन में कुल 460 प्रत्याशियों ने पर्चे भरे थे। जांच के बाद इनमें से 111 के नामांकन पत्र खारिज हो गए थे। अब तक 20 लोग अपने नाम वापस ले चुके हैं।
यहां के नामांकन हुए वापस
सोमवार को घोसी से पांच, जौनपुर से तीन, मछलीशहर से दो और कुशीनगर, राबर्ट्सगंज, मिर्जापुर, वाराणसी व गाजीपुर से एक-एक प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र वापस लिए हैं।
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया कि नाम वापसी के बाद डुमरियागंज से 17, महाराजगंज से 23, गोरखपुर से 15, कुशीनगर से 14, देवरिया से 15, बांसगांव से 12, लालगंज से 14 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं।
वहीं आजमगढ़ से 18, घोसी से 18, सलेमपुर से 13, बलिया से 15, जौनपुर से 21, मछलीशहर से 15, गाजीपुर से 18, चन्दौली से 21, वाराणसी से 43, मिर्जापुर से 23 तथा राबर्ट्सगंज से 14 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
कुल 456 हुए नामांकन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने बताया कि नामांकन के अंतिम दिन डुमरियागंज से छह, महाराजगंज से पांच, गोरखपुर से तीन, कुशीनगर से चार, देवरिया से नौ, बांसगांव से पांच, लालगंज से पांच पर्चे दाखिल किये गए।
वहीं आजमगढ़ से 10, घोसी से 12, सलेमपुर से तीन, बलिया से सात, जौनपुर से आठ, मछलीशहर से 10, गाजीपुर से सात, चंदौली से छह, वाराणसी से 38, मिर्जापुर से 10 व राबर्ट्सगंज से तीन नेताओं ने पर्चे दाखिल किए।
वाराणसी में अब तक 78 प्रत्याशी डट चुके हैं। अगर सभी 18 सीटों को देखा जाए तो कुल 456 प्रत्याशी मैदान में आ गए हैं। गोरखपुर से बसपा प्रत्याशी सदल प्रसाद ने भी गुरुवार को ही पर्चा भरा।