सामूहिक विवाह सम्मेलन। सांकेतिक चित्र।
- फोटो : अमर उजाला।
स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के मुताबिक पिछले एक वर्ष में यूपी में एक लाख से ज्यादा शादियों का पंजीकरण हुआ है। कानपुर नगर, गाजियाबाद, प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ में सबसे ज्यादा पंजीकरण हुए हैं। इस मामले में श्रावस्ती, कन्नौज, चित्रकूट सहित एक दर्जन जिलों में सिर्फ 500 पंजीकरण ही हुए। विभाग अब सभी की जांच की तैयारी कर रहा है।
विभाग ने एक अगस्त 2023 से एक अगस्त 2024 के बीच विभिन्न जिलों में विवाह पंजीकरण का ब्योरा दिया है। गाजियाबाद में एक वर्ष में जहां 29 हजार से ज्यादा विवाह पंजीकरण हुए। इनमें से 19 हजार से ज्यादा विवाह डिप्टी रजिस्ट्रार सदर-पंचम के यहां दर्ज हुए। वहीं, श्रावस्ती में महज 51 पंजीकरण ही हुए। हाथरस, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बदायूं, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, जालौन, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा, बांदा, कौशांबी, सुल्तानपुर, बहराइच, बलरामपुर, बस्ती, अमेठी, एटा, हापुड़ में सालाना 500 से भी कम पंजीकरण हुए।
ये भी पढ़े- UP Weather Alert: आज प्रदेश के 60 जिलों में चलेंगी तेज हवाएं, हो सकती है बूंदाबांदी; शनिवार से लू चलने का जारी हुआ अलर्ट
ये भी पढ़े- Indian Railway: अब 45 मिनट में लखनऊ से पहुंचेंगे कानपुर, ट्रैक सुधार का काम खत्म;120 की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें
दरअसल, घर से भागे जोड़ों की शादी फर्जी दस्तावेजों से कराने वाला रैकेट पूरे प्रदेश में सक्रिय है। इसे लेकर हाईकोर्ट ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग और स्टांप व पंजीकरण विभाग को दिशा निर्देश जारी किए हैं। एक साल में रिकॉर्ड विवाह पंजीकरण गाजियाबाद में हुए हैं। अब विभाग सभी पंजीकरणों की जांच कर रहा है। विभाग ने दस्तावेजों की जांच के साथ भविष्य में बेटियों के साथ होने वाले फ्रॉड को रोकने की कवायद शुरू की है।