पूरब विधान सभा उपचुनाव के लिए होने वाले मतदान में अब चंद ही दिन शेष रह गए हैं। इसके बाद भी तक चार लाख से अधिक वोटर स्लिप नहीं बांटी जा सकी है।
13 सितंबर तक 4.15 लाख मतदाताओं को फोटोयुक्त वोटर स्लिप पहुंचाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यह दिक्कत बीएलओ की गैरमौजूदगी के कारण पैदा हुआ है।
परेशान प्रशासनिक अधिकारियों ने गायब बीएलओ खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चेतावनी के बाद भी शुक्रवार को बिना बताए वीआरसी से गायब डेढ़ दर्जन कर्मचारियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया हैं।
पूरब विधान सभा क्षेत्र की वीआरसी पर तैनात 363 बीएलओ में से 59 अभी तक बिना बताए गायब चल रहे हैं।
जानकारी किए जाने पर मूल विभाग द्वारा रिलीव न किए जाने का बहाना बनाया जाता है।
ड्यूटी से गायब ऐसे सभी बीएलओ के मूल विभागों से भी प्रशासन ने लिखित स्पष्टीकरण तलब किया है। एडीएम प्रशासन राजेश पांडेय ने बताया कि वीआरसी पर ड्यूटी से गायब बीएलओ के स्थान पर शनिवार से नए कर्मचारियों को नामित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी
ताकि वोटर लिस्टों का वितरण समय पर पूरा कराया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि 12 सितंबर तक शत-प्रतिशत वोटरों को फोटोयुक्त वोटर स्लिप पहुंचाना सुनिश्चित कराया जाएगा।
उन्होंने साफ किया कि मतदाताओं को परेशानी से बचाने के लिए मतदान तिथि पर पोलिंग सेंटरों के बाहर भी हेल्प डेस्क होगी।
जहां मौजूद क्षेत्रीय बीएलओ को वोटर आईडी दिखाने पर मौके पर ही फोटोयुक्त वोटर स्लिप उपलब्ध करा दी जाएगी।
वोटरों को परेशानी से बचाने के लिए ही उपचुनाव में फोटोयुक्त वोटर स्लिप का वितरण सीधे बीएलओ स्तर से घरों में कराने की व्यवस्था की गई है।