लखनऊ। नेशनल पीजी कॉलेज में 500 से अधिक छात्र-छात्राओं की सम सेमेस्टर परीक्षाओं पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इन विद्यार्थियों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होने पर महाविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश पत्र रोक दिए हैं। कॉलेज प्रशासन ने सभी छात्रों की उपस्थिति को विभाग स्तर पर पुष्टि कराने के बाद प्रवेश पत्र रोकने की संस्तुति की है। ऐसे में परीक्षा में शामिल होने के लिए ये छात्र विभाग से लेकर प्राचार्य कार्यालय तक दौड़ लगा रहे हैं।
प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि छात्रों को पहले भी चेतावनी जारी की गई थी, जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत के कम होगी उन्हें परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा। महाविद्यालय में मंगलवार से सम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं।
इसमें पांच सौ अधिक विद्यार्थी ऐसे चिह्नित किए गए हैं जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम है। जो विद्यार्थी कम उपस्थिति होने का उचित कारण स्पष्ट कर रहे हैं कॉलेज उन्हें परीक्षा में शामिल होने का अवसर दे रहा है। लेकिन जिनके पास कोई उचित कारण नहीं है उन्हें परीक्षा में शामिल होने से रोका जा रहा है।
अभिभावकों से लगा रहे सिफारिश
प्रवेश पत्र रोके जाने पर छात्र-छात्राएं अब माता-पिता को लेकर महाविद्यालय पहुंच रहे हैं। परीक्षा में शामिल करने के लिए वह शिक्षकों से तो गुहार लगा ही रहे हैं साथ ही अभिभावकों को प्राचार्य से मिलाकर अनुरोध करने को कह रहे हैं। इससे उनका साल न खराब होने पाए।
छात्रों पर लगाया जा रहा अर्थदंड
जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति अधिक कम है, उन पर महाविद्यालय एक हजार से पांच सौ रुपये तक अर्थदंड लगा रहा है। साथ ही उन्हें शपथ पत्र भी देना हो रहा है कि वह भविष्य में कक्षाओं में पूरी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।