सचिव एफआर खान ने बताया कि वर्तमान में इंजीनियरिंग के विभिन्न कोर्सेज की ज्यादा डिमांड है। इसमें इलेक्ट्रिकल, सिविल व मैकेनिकल में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई गई है। ग्रुप जी और डी के कोर्सेज की सबसे ज्यादा सीटें खाली रहीं।
ये सभी स्नातक उत्तीर्ण छात्रों के लिए डिप्लोमा कोर्सेज की हैं। जैसे पीजी डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लिकेशन, हार्डवेयर, नेटवर्किंग आदि। इनमें अभ्यर्थी कम दिलचस्पी दिखाते हैं। इसके अलावा महिला पॉलीटेक्निक कॉलेजों में भी ज्यादा सीटें रिक्त हैं। इनमें संचालित इंटीरियर डेकोरेशन व डिजायनिंग, लाइब्रेरी साइंस व ऑफिस मैनेजमेंट आदि में कम दाखिले हुए हैं।