शहर में वाटर मीटर लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए शासन ने पेयजल खर्च के आधार पर वाटर टैक्स की दरें (जल मूल्य) तय कर दी हैं। शहरवासियों को खर्च के आधार पर वाटर टैक्स देना होगा।
अभी आवासीय भवन स्वामियों से एक समान जल मूल्य लिया जाता है चाहें वह भवन स्वामी कम पानी खर्च करता हो या ज्यादा। शासन द्वारा तय की गईं दरों में यह व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
इसमें पानी की खपत के आधार पर आवासीय भवनों को सात श्रेणियों में बांटा गया है और उसी आधार पर मूल्य तय किया गया है। यह दरें वाटर मीटर लगने के बाद लागू की जाएंगी।
शासन ने अभी वाटर मीटर लगाने का आदेश भले ही जारी नहीं किया है मगर इसकी तैयारी शुरू हो गई है। वाटर मीटर लगने के बाद किस आधार पर टैक्स वसूल किया जाएगा इसको लेकर दरें तय कर दी गई हैं।